Varanasi News: सावन के 5 दिन पहले सिगरा में 20 फीट का गड्ढा, मंडुवाडीह में खोदाई; डेढ़ साल पहले धंसी थी सड़क
सावन शुरू होने से पांच दिन पहले वाराणसी में सिगरा क्षेत्र में अचानक सड़क धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया। अचानक ब्रेक लगने से कई वाहन आपस में टकरा गए, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। उधर, मंडुवाडीह में सड़क खोदाई के कारण भीषण जाम लगा। डेढ़ साल पहले भी सिगरा में सड़क इसी तरह धंस चुकी थी।
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Varanasi News: सावन की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है, लेकिन उससे पहले शहर की प्रमुख सड़कों पर सामने आई दो घटनाओं ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी। शनिवार को सिगरा क्षेत्र में अचानक सड़क धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया, जबकि मंडुवाडीह चौराहे पर भूमिगत बिजली लाइन बिछाने के लिए हुई खोदाई के कारण भीषण जाम लग गया। दोनों घटनाओं से हजारों लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिगरा क्षेत्र में एक बाइक शोरूम के सामने अचानक सड़क धंस गई। यह मार्ग कैंट से लंका की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों में शामिल है। सड़क धंसते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अचानक वाहनों के ब्रेक लगने से कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हालांकि संयोगवश कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग कराई। भारी वाहनों का मार्ग बदल दिया गया, जबकि छोटे वाहनों को सावधानी के साथ निकाला गया।
स्थानीय पार्षद सिंधु सोनकर ने बताया कि गहरी सीवर लाइन में लीकेज के कारण सड़क धंसी है। जलकल और जल निगम की टीमें मौके पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं। जलकल विभाग के सचिव सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि जेसीबी से खुदाई कर पेयजल और सीवर लाइन की जांच की जा रही है। जहां भी खराबी मिलेगी, उसे तत्काल बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि मरम्मत का कार्य पूरी रात चलाया जाएगा।
उधर, मंडुवाडीह चौराहे के पास बिजली विभाग द्वारा ओवरहेड लाइनों को भूमिगत करने के लिए सड़क की खोदाई की गई थी। इसी दौरान पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के फ्लाईओवर निर्माण कार्य के चलते यातायात प्रभावित हो गया और लंबा जाम लग गया। मंडुवाडीह के उप-विभागीय अधिकारी नीरज बिंद ने बताया कि विभाग को पीडब्ल्यूडी से अनुमति मिलने के बाद भूमिगत केबल डालने का कार्य किया गया और बाद में गड्ढे को भर दिया गया।
गौरतलब है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले भी सिगरा चौराहे पर सीवर लाइन में लीकेज के कारण सड़क धंस गई थी। सावन में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिकों ने संबंधित विभागों से स्थायी समाधान की मांग की है।