फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi News white attire and appearing youthful Mahaprabhu granted darshan received ritual food offerings

Varanasi News: श्वेत वस्त्र धारण कर नवयौवन रूप में महाप्रभु ने 13.30 घंटे दिए दर्शन, लगा भोग; कल से मेला

Wed, 15 Jul 2026 06:21 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 15 Jul 2026 06:21 PM IST
सार

Varanasi News: काशी में भगवान जगन्नाथ महाप्रभु ने श्वेत वस्त्र धारण कर नवयौवन रूप में करीब 13 घंटे 30 मिनट तक भक्तों को दर्शन दिए। परवल के जूस सहित विभिन्न व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। गुरुवार को भगवान नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जबकि शुक्रवार से ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का शुभारंभ होगा।

विज्ञापन
Varanasi News white attire and appearing youthful Mahaprabhu granted darshan received ritual food offerings
श्रीजगन्नाथ मंदिर में विराजमान महाप्रभु। - फोटो : संवाद

विस्तार

Varanasi News: काशी के दक्षिणी छोर पर विराजमान श्रीजगन्नाथ मंदिर में 14 दिनों के बाद 15वें दिन मंगलवार को स्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग भक्तों को श्वेत वस्त्र धारण कर नवयौवन रूप में दर्शन दिए। भक्तों ने अनवरत 13.30 घंटे प्रभु के दर्शन किए। 

विज्ञापन




एक पखवाड़े के बाद प्रभु की अलौकिक छवि निहारकर भक्त निहाल हुए। भगवान को परवल के जूस, परवल की मिठाई सहित विविध पकवानों का भोग लगा। अब बुधवार को प्रभु मनफेर के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे और 16 जुलाई से तीन दिवसीय रथयात्रा मेला शुरू हो जाएगा। 
विज्ञापन


मंगलवार को मंदिर के प्रधान पुजारी पं. राधे श्याम पांडेय ने भगवान को पंचामृत स्नान कराकर श्वेत वस्त्र धारण कराया। परवल के जूस का भोग लगा। इसके बाद मंदिर के पट खुलते ही दो सप्ताह बाद प्रभु के दर्शन पाकर भक्त निहाल हो उठे। तुलसी, कमल, खाजा आदि पूजन सामग्री प्रभु के श्रीचरण में अर्पित कर नमन किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दोपहर में भगवान की भोग आरती हुई। परवल की मिठाई, पूड़ी, सब्जी, फल आदि व्यंजनों का भोग लगा। दोपहर 12 से तीन बजे तक मंदिर के पट बंद रहे। इसके बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला रात 12 बजे तक शयन आरती तक चला। 

बुधवार को भी सुबह भगवान का शृंगार होगा। मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू होगा। दोपहर तीन बजे आचमन व आरती के बाद शाम चार बजे डोली यात्रा निकलेगी। करीब साढ़े पांच बजे तक रथयात्रा स्थित बेनीराम बाग पहुंचेगी। मेला स्थल पर पहुंचे रथ की पूजा होगी। दर्शन-पूजन करने ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के सचिव शैलेश त्रिपाठी, नवीन, डॉ. कमलेश, डॉ. शिशिर मालवीय, आशु त्रिपाठी, दिलीप कुमार मिश्र, रामयश, मिश्रा, हरीश वालिया आदि पहुंचे थे। 

आज से निभाई जाएगी पुरी पीठ की परंपरा : भगवान जगन्नाथ के रथयात्रा उत्सव में पहली बार पुरी शंकराचार्य पीठ की परंपरा को निभाई जाएगी। पुरी शंकराचार्य पीठ की काशी शाखा पूर्वाम्नाय श्रीदक्षिणामूर्ति मठ के प्रधान दंडी संन्यासी स्वामी वनवैभवारण्य सरस्वती ने बताया कि बुधवार को भगवान की डोली यात्रा के पहले डोली की सफाई, गंगाजल से पवित्र कर पूजा की जाएगी। भगवान को रसगुल्ला, खाजा आदि का भोग लगेगा। उधर, रथयात्रा पर मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। अस्थायी दुकानों से लेकर बच्चों और बड़ों के लिए झूले लग गए हैं।
 

Varanasi News white attire and appearing youthful Mahaprabhu granted darshan received ritual food offerings
श्रद्धालुओं ने किए दर्शन। - फोटो : संवाद

एडीसीपी ने दिए सुरक्षा यातायात प्रबंधन के निर्देश
वाराणसी। अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) नृपेंद्र ने राजातालाब में लगने वाले रथयात्रा मेले के मद्देनजर मेला प्रबंधन समिति के साथ बैठक की। समिति को भीड़ प्रबंधन में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए। संदिग्ध लोगों या गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए कहा गया। आपातकालीन मार्गों को हर समय अवरोधमुक्त रखने के निर्देश दिए गए। 

यात्रा के दाैरान जमुआ और जक्खिनी से राजातालाब आने वाले वाहन भीमचंडी मार्ग से मातलदेई होते हुए जाएंगे। हरपुर अंडरपास से राजातालाब की ओर आने वाले वाहन रखौना अंडरपास से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करेंगे। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और अनधिकृत दुकानों पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग मांगा गया। 

प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी-एचएचएमडी से होगी चेकिंग
वाराणसी। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने मंगलवार की देर शाम पुलिस अधिकारियों के साथ रथयात्रा मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बताया कि मेला क्षेत्र में अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र भी बनाया जाएगा। कहा कि सभी कर्मचारी निर्धारित समय से पूर्व अपनी ड्यूटी पर तैनात होंगे। प्रवेश द्वारों पर डीएफएमडी और एचएचएमडी जैसे सुरक्षा उपकरणों से चेकिंग होगी। 

संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तुरंत कार्रवाई करेंगे। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और एंटी रोमियो टीम तैनात रहेगी। सीसीटीवी, पीटीजेड कैमरे और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई होगी और सोशल मीडिया से निगरानी की जाएगी। निरीक्षण में पुलिस उपायुक्त काशी गौरव बंसवाल और अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा भी शामिल थे। 

मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को न हो कोई परेशानी : मेयर 
मेला क्षेत्र में सफाई व नागरिक सुविधाओं को लेकर मेयर अशोक कुमार तिवारी ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि रथयात्रा मार्ग को दुरुस्त कराएं। मेयर ने जलकल विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से हिदायत दी कि मेला क्षेत्र और उसके आसपास के सभी संपर्क मार्गों पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सड़कों को तत्काल गड्ढा मुक्त करने और संपूर्ण मेला परिसर में सफाई व्यवस्था को चौबीस घंटे चाक-चौबंद रखने का आदेश दिया। इस बार भी मेला क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री जोन घोषित किया गया है। मेला क्षेत्र में लगने वाली दुकानों, ठेलों और गुमटी संचालकों को दुकान के सामने अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखना होगा। 

108 ध्वज संग निकलेंगे महाप्रभु
डोली यात्रा में भगवान जगन्नाथ मलमल के कपड़े पर बैठेंगे। ढोल, नगाड़े, ताशे, डमरू दल के साथ भक्त 108 ध्वज लहराते हुए प्रभु की अगुवाई में रथयात्रा मेला के लिए निकलेंगे। डोली को उठाने के लिए परंपरा अनुसार आठ कहार रहेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed