Varanasi News: भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली वाले वार्ड में मुख्य सड़कें साफ, गलियों में गंदगी; लोग परेशान
सारनाथ के कई इलाकों में सीवर, सड़क और पानी की समस्याएं हैं। स्थानीय लोगों को आरोप है कि संबंधित लोगों से सैकड़ों बार शिकायतें कर अब थक चुके हैं। यहां की समस्याओं के बीच जीना दुश्वार हो गया है।
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Nagar Nigam Varanasi: भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ के वार्ड में भी समस्याएं बहुत हैं। यहां के सिंहपुर, घूरहुपुर, मवईयां समेत कई इलाकों में सीवर की समस्या है। कुछ इलाकों में तो पानी की भी किल्लत है। तमाम विकास कार्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कराए गए हैं। इसके बाद भी यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।
बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थों में से एक होने के चलते यहां विश्व भर से बौद्ध अनुयायी पहुंचते हैं। यहीं नर अशोक का चतुर्भुज सिंह स्तंभ भी है। यहां भगवान बुद्ध का मंदिर, राजकीय संग्रहालय, जैन मंदिर, चौखंडी स्तूप, चीनी मंदिर, मूलगंध कुटी विहार है। बावजूद इसके लोगों को समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। कुछ इलाकों में सड़क और खड़ंजा भी ठीक नहीं है। कई जगहों की स्ट्रीट लाइटें बंद हैं।
नियमित सफाई और फाॅगिंग भी नहीं होती है। केवल मुख्य मार्गों पर सफाई दिखती है जबकि गलियां गंदी पड़ी रहती हैं। सिंहपुर में जल निकासी की जगह बंद होने के बाद जगह-जगह सीवर ओवरफ्लो होकर सड़क और खाली स्थलों पर बहता है। मवईयां में तो कई सड़कें भी कच्ची हैं।
बेतरतीब तरीके से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। जिन पर वीडीए की ओर से तक अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। पिछले दिनों अभियान चलाकर कई अवैध निर्माण सील किए गए थे। इसके बाद भी अवैध निर्माण जारी हैं।
इनकी भी सुनें
नवविस्तारित इलाकों में पांच साल के भीतर विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत नई सीवर और पेयजल की लाइनें पड़ेंगी। सीवर समस्या का समाधान लगातार कराया जा रहा है। पेयजल की भी समस्या दूर कराई जा रही है। - अनूप कुमार सिंह, महाप्रबंधक जलकल
वार्ड में सीवर की समस्या है। जिसे दुरुस्त कराया जा रहा है। जलकल को यहां की समस्या के बारे में अवगत कराया गया है। कुछ जगहों पर नई पाइप लाइन पड़ने वाली है। नगर निगम के सदन में मैंने सीवर, स्ट्रीट लाइट, सड़क, पेयजल की समस्या को ठीक कराने के लिए प्रस्ताव दिया है। कुछ गलियों में इंटरलाकिंग और नई लाइटें भी लगवाएंगे। - अभय पांडेय, पार्षद सारनाथ
जनता से बातचीत करने के बाद भी कूड़ा नहीं उठाया जाता है। इसकी शिकायत कई बार स्थानीय पार्षद से की गई है। सफाईकर्मी भी नहीं आते हैं। - लालमनि देवी, क्षेत्रीय नागरिक
चुनाव हुए तीन साल बीत गया है लेकिन गांव में आज भी धूल भरी कच्ची सड़क हैं। बरसात में घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। - रमेश, क्षेत्रीय नागरिक
सबसे बड़ी समस्या सीवर की है इधर कई महीने से सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। कई बार पार्षद से कहने के बाद भी सीवर की सफ़ाई नहीं हो रही है। - मुन्नी देवी, क्षेत्रीय नागरिक
सब से बड़ी समस्या साफ-सफाई की है, यहां सफाईकर्मी भी नहीं आते है। गांव में सीवर का पानी टंकी से सड़क पर बह रहा है। इससे सड़कों पर मच्छड़ पनप रहे हैं। - विष्णु, क्षेत्रीय नागरिक