Varanasi News: IIT BHU की छात्रा का मोबाइल हैक, क्रेडिट कार्ड से 46118 रुपये उड़ाए; साइबर ठगी मामले में FIR
Varanasi News: वाराणसी में आईआईटी बीएचयू की एक छात्रा का मोबाइल हैक कर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि हैकर ने छात्रा के क्रेडिट कार्ड से 46,118 रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी होने पर छात्रा ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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Varanasi Crime: आईआईटी बीएचयू की शोध छात्रा आंचल अग्रहरी का मोबाइल हैक कर जालसाजों ने 46118 रुपये निकाल लिए। एसबीआई क्रेडिट कार्ड प्रतिनिधि बनकर लिंक भेजा और क्लिक करते ही बैंक खाते से रुपये निकल गए। पीड़िता ने शनिवार को लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस को बताया कि 28 जून को एक अनजान नंबर से फोन और व्हाट्सएप संदेश मिला। फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई क्रेडिट कार्ड का प्रतिनिधि बताया। दावा किया कि क्रेडिट कार्ड पर एक योजना चालू हो गई है, जिससे हर महीने 2200 रुपये कटेंगे। योजना बंद करने के लिए जालसाज ने व्हाट्सएप पर एक मोबाइल ऐप का लिंक भेजा। ऐप डाउनलोड कर क्रेडिट कार्ड विवरण दर्ज किया।
ऐप में बफरिंग होने लगी और मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया। कुछ ही देर में 46118 रुपये की अनधिकृत निकासी हो गई। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। क्रेडिट कार्ड भी ब्लॉक कराया। लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शमा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिक्षिका से जमीन के नाम पर 51.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी
वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र में एक शिक्षिका से जमीन दिलाने के नाम पर 51.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पीड़िता निकेता सिंह की शिकायत पर आरोपी पंकज कुमार यादव के खिलाफ लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मिर्जापुर की रहने वाली निकेता सिंह ने पुलिस को बताया कि वह बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उनकी मुलाकात बीएचयू के बाबा विश्वनाथ मंदिर में पंकज कुमार यादव से हुई थी। पंकज ने अच्छी जमीन दिलवाने का झांसा दिया। बैंक से लोन लेकर मई 2024 में कुल 51.5 लाख रुपये ऑनलाइन पंकज के व्यक्तिगत खाते और उसकी फर्म 'श्रीपत एंड कंस्ट्रक्शन' के खाते में भेजे गए। पंकज ने आश्वासन दिया था कि जमीन मिलने तक वह बैंक की ईएमआई भरता रहेगा।
पंकज ने अक्तूबर 2025 तक बैंक की ईएमआई भरी, लेकिन इसके बाद बंद कर दिया। जब अपने पैसे वापस मांगे या जमीन दिलाने को कहा, तो आरोपी मुकर गया। मूल बकाया 47.5 लाख रुपये है। ईएमआई बाउंस चार्ज और लेट फीस मिलाकर उस पर भारी वित्तीय बोझ आ गया है। लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज है।