Varanasi News : पहली बार भूतपूर्व सैनिकों के जिम्मे बरेका परिसर की सुरक्षा, RPF, पुलिस भी कर रही सहयोग
बनारस रेल इंजन कारखाना परिसर की सुरक्षा की कमान अब भूतपूर्व सैनिक संभालेंगे। यहां आए दिन हो रहे विवादों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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अभी तक बनारस रेल इंजन कारखाना के अंदर और बाहर परिसर की सुरक्षा आरपीएफ के जिम्मे थी लेकिन अब पहली बार सुरक्षा की कमान भूतपूर्व सैनिकों को सौंप दी गई। बरेका परिसर में आए दिन विवाद को देखते हुए सेना के 20 रिटायर्ड जवानों को तैनात किया है।
मंडुवाडीह थाने के तहत बरेका में पुलिस चौकी भी है, जो बाहरी सुरक्षा व्यवस्था देखती है। कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि बरेका के शुरुआती दिनों में जब 10 से 12 हजार कर्मचारी समेत परिजन हुआ करते थे तो आरपीएफ ही सुरक्षा देखती थी।
इस समय बरेका में 5 से 6 हजार कर्मचारी व उनके परिजन रह रहे हैं। ये पहली बार है जब बरेका की सुरक्षा सेना के पूर्व सैनिकों के हवाले की गई है। पदाधिकारियों ने बताया कि कई अनाधिकृत मार्ग बंद कराए गए। सूर्य सरोवर पर श्राद्ध कर्म पर रोक लगा दी गई है।
ऐंग्लर क्लब भी बंद करा दिया गया। बरेका व्यापार मंडल के तहत गुमटी मार्केट से गार्ड भी हटवा दिए गए। परिषद के कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बरेका की तीन काॅलोनियां हैं। इनमें दो बाहर कंचनपुर और ककरमत्ता में हैं। बरेका के चारों तरफ रेलवे से रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास भी हैं।
जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बरेका परिसर की सुरक्षा चाक चौबंद बनाने के लिए 20 भूतपूर्व जवानों की तैनाती की गई हैं। वहीं, आरपीएफ को तीन बाइक भी उपलब्ध कराई गई है।
संरक्षा सभी की जिम्मेदारी
बरेका महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि संरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का शत प्रतिशत अनुपालन जरूरी है। बरेका के प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को 4 से 10 मार्च तक आयोजित सप्ताहव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस दौरान महाप्रबंधक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षा की शपथ दिलाई। मुख्य संरक्षा अधिकारी एसबी पटेल ने बरेका में वर्ष भर किए गए संरक्षा संबंधित कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया।
प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील ने संरक्षा पर कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया। स्काउट एवं गाइड के सदस्य ने नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। इस दौरान प्रबंधक सुनील कुमार, संरक्षा अधिकारी अनूप सिंह वत्स, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी जनार्दन सिंह, प्रमुख मुख्य इंजीनियर विनोद कुमार शुक्ल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेश कुमार मौजूद रहे।