Varanasi News: कार्बन से 100 वार्डों की 2500 स्ट्रीट लाइटें खराब, छाया अंधेरा; हर वार्ड को 7-7 लाख मिले थे
Varanasi News: शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटें खराब होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वे छोटे-बड़े हादसे का भी शिकार हो जाते हैं। अब स्थानीय लोग इन खराब लाइटों को बदलने की भी डिमांड करने लगे हैं।
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मौसम बदलने के कारण नमी बढ़ गई है। नमी की वजह से स्ट्रीट लाइटों में कार्बन आ रहा है। ऐसे में ये या तो नहीं जल रही हैं या खराब हो गईं हैं। 100 वार्डों में पहले हर महीने 1500 लाइटें खराब होने की सूचना आती थी। इस समय यह संख्या 2500 हो गई हैं। ज्यादातर परेशानी नवविस्तारित इलाकों में हैं।
सारनाथ, मंडुवाडीह, भगवानपुर में पहले से खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत अब तक नहीं हुई है। हर वार्ड को 7-7 लाख मिले फिर भी पुरानी और खराब लाइटों को नहीं बदला जा रहा है। हर बार उन्हीं को दुरुस्त कराया जा रहा है। इस समय शिकायतों की संख्या बढ़ी है।
पुराने पोल पर लाइटें लगाई गई हैं। जहां नमी के कारण दिक्कत आ रही है। खराब स्ट्रीट लाइट्स को शहर के अलग-अलग इलाकों से निकालकर नगर निगम में इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि नीलामी हो सके। अभी तक 500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं। जबकि बाकी का सर्वे किया जा रहा है। आलोक विभाग के अधिकारी ने बताया कि मौसम बदलने के कारण नमी के चलते स्ट्रीट लाइटों में कार्बन आ रहा है।
दिन में भी जल रहीं लाइटें
दिन में भी कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटों के जलने की शिकायतें आ रही हैं। लहरतारा से चौकाघाट की कई लाइटें जलती हैं। फ्लाईओवर पर भी यही हाल है। भिखारीपुर से बीएचयू रोड, रथयात्रा-महमूरगंज मार्ग पर भी दिन में लाइटें जलतीं हैं। पांडेयपुर-हुकुलगंज मार्ग सबसे व्यस्ततम है। रोज यहां से पांच हजार वाहन गुजरते हैं, इनमें अधिकारी भी रहते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं जाता है।
मौसम बदलने से नमी है। जिसकी वजह से स्ट्रीट लाइटों पर कार्बन जम रहा है। खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जा रहा है। - हरीश कुमार, आलोक विभाग अवर अभियंता