Varanasi News: स्टार्टअप्स को लेकर IIT BHU और BIS मानकीकरण के बीच बनी सहमति, जानें अपडेट
आईआईटी बीएचयू और भारतीय मानक ब्यूरो के बीच बनी सहमति को लेकर काफी चर्चाएं हैं। इससे भविष्य में काफी लाभ मिलेंगे। इनोवेटर्स ने अपने स्टार्टअप्स प्रस्तुत कर सुझावों को लिया।
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IIT BHU: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और आईआईटी बीएचयू के बीच बीआईएस–स्टार्टअप्स मीट में इनोवेशन और मानकी करण के बीच सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी। इससे स्टार्टअप्स की गुणवत्ता बढ़ाकर और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा के साथ कदमताल मिलाने के लिए भी मजबूती मिलेगी।
बीआईएस चेयर प्रोफेसर प्रो. आरएस सिंह और अटल इनक्यूबेशन सेंटर के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. पीवी राजीव समेत आईआईटी के रिसर्च डीन और प्रोफेसर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। यहां पर दोनों संस्थाओं में स्टार्टअप कल्चर को बेहतर करने पर चर्चा हुई।
बीआईएस के उप महानिदेशक (अंतरराष्ट्रीय संबंध) चंदन बहल ने कहा कि बीआईएस–स्टार्टअप्स कनेक्ट के तहत सहयोग के अवसरों और मानकों की उपयोगिता को तलाशा जाएगा। बीआईएस वैज्ञानिक नेहा यादव ने मानकीकरण प्रक्रिया और डिजिटल समाधान के बारे में प्रजेंटेशन दिया। वहीं इनोवेटर्स ने अपने स्टार्टअप्स प्रस्तुत कर सुझावों को लिया।
भारत और रूस की भाषा में है समानता, हिंदी में भी होती है पढ़ाई: इकाचेरिना दिन्याक
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग की ओर से आयोजित विशेष व्याख्यान में भारत और रूस के संबंधों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य अतिथि रशियन सेंटर फॉर साइंस एंड कल्चर नई दिल्ली की इकाचेरिना दिन्याक ने कहा कि भारत और रूस की भाषा में भी समानता है। रूस के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में हिंदी में भी पढ़ाई होती है।
भारत-रूस के कूटनीतिक संबंधों के 78 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर आयोजित व्याख्यान में इकाचेरिना ने माॅस्को, सेंट पीटर्सबर्ग, सोची, बायकल, कजान आदि शहरों में भारतीय छात्रों के लिए उपलब्ध अवसरों के बारे में बताया। कहा कि रूस और भारत का रिश्ता सदियों पुराना है।
15वीं शताब्दी में पहला रूसी व्यापारी भारत आया था और यह समय वास्को डीगामा से भी पहले का है। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि रूस की राजधानी मॉस्को विश्व का प्रवेश द्वार है। रूस भारत का विश्वसनीय और पुराना दोस्त रहा है। कार्यक्रम में डॉ. नीरज धनकड़, प्रो. अमिता सिंह, प्रो. नंदिनी सिंह, प्रो. केके सिंह, प्रो. आरके गौतम, प्रो. संजय ने विचार रखे।