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Varanasi News:वायरल फीवर और गले में खराश की समस्या से 350 मरीज परेशान
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कभी बारिश हो रही है तो कभी तेज धूप। मौसम में लगातार हो रहे इस बदलाव से वायरल के मरीज बढ़ गए हैं। सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में सोमवार को लोग अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। किसी को सर्दी, गले में खराश तो कोई तेज बुखार से परेशान है। डॉक्टरों ने बदलते मौसम में सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मंडलीय और दीनदयाल अस्पताल में मौसमी बीमारियों के 350 मरीज पहुंचे।
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में सोमवार को पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी, दवा काउंटर तक मरीजों की भीड़ देखने को मिली। फिजिशियन की ओपीडी के बाहर खड़े लोगों में गले में खराश, खांसी और बुखार की समस्या ज्यादा थी। उधर, बाल रोग विभाग में डायरिया, बुखार से ग्रसित बच्चों को लेकर अभिभावक पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है। अभिभावकों से ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा गया है। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि 1200 से अधिक मरीज ओपीडी में आए, 200 वायरल फीवर वाले थे। उधर, जिला अस्पताल में भी ओपीडी में भीड़ कुछ ज्यादा रही। बच्चे, बुजुर्ग के साथ महिलाएं भी जुकाम, सर्दी और बुखार से परेशान दिखीं। सीएमएस डॉ. दिग्विजय सिंह ने बताया कि ओपीडी में 1000 से अधिक मरीज आए, जिसमें 150 मौसमी बीमारी वाले रहे।
ये बरतें सावधानी
(1) बारिश में भीगने से बचें और फ्रिज का पानी न पीएं।
(2) घर के आसपास पास पानी जमा न होने दें।
(3) बहुत जरूरी न हो तो एसी में सोने से बचें।
(4) वायरल फीवर पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
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मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में सोमवार को पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी, दवा काउंटर तक मरीजों की भीड़ देखने को मिली। फिजिशियन की ओपीडी के बाहर खड़े लोगों में गले में खराश, खांसी और बुखार की समस्या ज्यादा थी। उधर, बाल रोग विभाग में डायरिया, बुखार से ग्रसित बच्चों को लेकर अभिभावक पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है। अभिभावकों से ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा गया है। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि 1200 से अधिक मरीज ओपीडी में आए, 200 वायरल फीवर वाले थे। उधर, जिला अस्पताल में भी ओपीडी में भीड़ कुछ ज्यादा रही। बच्चे, बुजुर्ग के साथ महिलाएं भी जुकाम, सर्दी और बुखार से परेशान दिखीं। सीएमएस डॉ. दिग्विजय सिंह ने बताया कि ओपीडी में 1000 से अधिक मरीज आए, जिसमें 150 मौसमी बीमारी वाले रहे।
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ये बरतें सावधानी
(1) बारिश में भीगने से बचें और फ्रिज का पानी न पीएं।
(2) घर के आसपास पास पानी जमा न होने दें।
(3) बहुत जरूरी न हो तो एसी में सोने से बचें।
(4) वायरल फीवर पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।