Varanasi New Circle Rate: वाराणसी में जमीन खरीदने का है मन तो पहले पढ़ें ये खबर, नए सर्किल रेट से बढ़ेगी कीमत
जमीन की खरीद फरोख्त में सर्किल रेट के मुताबिक राजस्व शुल्क के रूप में स्टांप ड्यूटी लगाई जाती है और हर साल एक अगस्त से जिला प्रशासन नए सर्किल रेट जारी करता है।
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पूर्वांचल के विकास की धुरी बन चुकी काशी की जमीन की नई सरकारी दरें तय करने के लिए मंथन शुरू हो गया है। निबंधन विभाग की ओर से कराया जा रहा सर्वे अब पूरा होने के करीब है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह में 10 फीसदी तक सर्किल बढ़ाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को सौंप दिया जाए। उधर, जिला प्रशासन से मिले संकेत के अनुसार उम्मीद जताई जा रही है कि तीन साल से सर्किल रेट बढ़ने का क्रम इस साल भी जारी रहेगा। कुछ वार्ड और नगरीय सीमा के क्षेत्रों में आंशिक बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल सर्किल रेट पर अंतिम निर्णय जिलाधिकारी को लेना है।
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जमीन की खरीद फरोख्त में सर्किल रेट के मुताबिक राजस्व शुल्क के रूप में स्टांप ड्यूटी लगाई जाती है और हर साल एक अगस्त से जिला प्रशासन नए सर्किल रेट जारी करता है। लेकिन, वाराणसी में पिछले तीन साल से सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके पीछे पहले से ही सर्किल रेट की दरें ज्यादा होने और विकास कार्यों का हवाला दिया गया था।
मगर इस साल फिर सर्किल रेट में बदलाव की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए निबंधन विभाग की टीम ने जनपद का सर्वे शुरू कर दिया। टीम मुख्य सड़क के किनारे नए प्रोजेक्ट के आसपास के सर्किल रेट पर ज्यादा ध्यान दे रही है। साथ ही नगर निगम में शामिल नए वार्डों में घर-जमीन के सर्किल रेट में 20 फीसदी और शहर क्षेत्र में अधिकतम 10 फीसदी की बढ़ोतरी का मसौदा तैयार किया जा रहा है। निबंधन विभाग की टीम सर्किल रेट के साथ ही जमीन के बाजार भावों की जानकारी जुटा रही है। अंतिम बार वर्ष 2019 में सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई थी। उस दौरान ग्रामीण इलाकों में 20 और शहरी इलाकों में पांच फीसदी तक बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद हर वर्ष सर्किल रेट बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
वाराणसी में दर्जन भर से ज्यादा छोटी बड़ी परियोजनाएं ऐसी हैं जिसमें जमीन अधिग्रहण किया जाना है। सर्किल रेट बढ़ने से सरकार पर भी अधिग्रहण में मुआवजे का भार बढ़ेगा। इससे पहले वर्ष 2016 में सर्किल रेट बढ़ाया गया था। इसके बाद हर वर्ष मामूली बदलाव के साथ दरें जारी की गईं और वर्ष 2019 के बाद से इस प्रक्रिया पर ब्रेक लगा हुआ है।
तीन श्रेणियों में हैं सर्किल रेट
वाराणसी को आठ सर्किलों में बांटा गया है। इन सर्किल में प्रशासन की तरफ से कॉलोनियों की लोकेशन और आबादी के हिसाब से रेट तय किए जाते हैं। सर्किल रेट तीन श्रेणियों में तय हैं। पहला नौ मीटर चौड़ी रोड के किनारे बसा क्षेत्र, दूसरा नौ मीटर से 18 मीटर चौड़ी रोड के किनारे और तीसरा 18 मीटर से अधिक चौड़ी रोड के किनारे बसा क्षेत्र।
शहर के प्रमुख इलाकों के सर्किल रेट
- पांडेयपुर चौराहे से रायसाहब बाग से आजमगढ़ मार्ग 32 हजार
- भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर मछरहट्टा मंदिर के पास राममंदिर चौराहा 45 हजार- बीएचयू गेट से सुंदरपुर और भिखारीपुर तक 45 हजार
- रथयात्रा चौराहे से महमूरगंज पुलिस चौकी 55 हजार- रथयात्रा से कमच्छा से भेलूपुर थाने तक 55 हजार
- रथयात्रा चौराहे से गुरुबाग से लक्सा थाना 55 हजार- मैदागिन चौराहे से गोदौलिया चौराहे से सोनारपुर तक 46 हजार
- मैदागिन चौराहे से बेनिया बाग तिराहा 55 हजार- बुलानाला से कर्णघंटा, काशीपुरा, गोला दीनानाथ से हीरापुर 44 हजार
नए सर्किल रेट के हिसाब से प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। इस रिपोर्ट को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना है और वहां से जैसा निर्णय होगा, उसे अमल कराया जाएगा। - राजेश सिंह, एआईजी स्टांप
सर्किल रेट की नई दरों के प्रस्ताव मिलने के बाद उनका अध्ययन कराया जाएगा। इस पर आपत्ति और सुझाव भी मांगे जाएंगे। इसके बाद निर्णय किया जाएगा। - एस राजलिंगम, जिलाधिकारी