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कूड़ा करकट गुजरकर भक्त पाएंगे मां चंद्रघंटा का दर्शन
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नवरात्र से पहले मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बातें केवल बैठकों तक सीमित हैं। हालत यह है कि नवरात्र शनिवार से शुरू हो जाएगा और अब तक भक्तों के लिए बुनियादी सुविधाएं बेहतर नहीं हुई हैं। चौक थाने के सामने गली में मां चंद्रघंटा का मंदिर है। नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा के दर्शन पूजन का विधान है। मंदिर जाने वाले मार्ग पर साफ सफाई का अभाव है। मंदिर के पास लगा स्ट्रीट लाइट आंख मिचौली करता है।
संकरी गलियों में भक्त जब दर्शन करने के लिए जाएंगे तो उन्हें कूड़ा करकट से होकर जाना पड़ेगा। कई जगहों पर मलबा पड़ा है। उसे हटवाने की जहमत नगर निगम के नहीं उठाई है। यहां के लोगों ने बताया कि बस केवल नवरात्र में ही थोड़ी बहुत साफ सफाई होती है। बाकी दिनों में कहते कहते थक जाइए, लेकिन साफ सफाई नहीं होती है। नगर निगम और प्रशासन के पास कर्मचारियों की फौज है। लेकिन आम जनता की सुविधाएं नदारद हैं। मंदिर के आसपास के घरों में बंदरों का आतंक है। यहां तक कि दर्शन पूजन करने जाने वाले भक्तों के हाथ से बंदर प्रसाद तक छीन लेते हैं। नगर निगम ने इन बंदरों को पकड़ने की कोई योजना अब तक नहीं बनाई है। गृहकर के रूप में करोड़ों रुपये टैक्स लेने वाले नगर निगम को आम जनता की सहूलियत से कोई लेना देना नहीं है।
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संकरी गलियों में भक्त जब दर्शन करने के लिए जाएंगे तो उन्हें कूड़ा करकट से होकर जाना पड़ेगा। कई जगहों पर मलबा पड़ा है। उसे हटवाने की जहमत नगर निगम के नहीं उठाई है। यहां के लोगों ने बताया कि बस केवल नवरात्र में ही थोड़ी बहुत साफ सफाई होती है। बाकी दिनों में कहते कहते थक जाइए, लेकिन साफ सफाई नहीं होती है। नगर निगम और प्रशासन के पास कर्मचारियों की फौज है। लेकिन आम जनता की सुविधाएं नदारद हैं। मंदिर के आसपास के घरों में बंदरों का आतंक है। यहां तक कि दर्शन पूजन करने जाने वाले भक्तों के हाथ से बंदर प्रसाद तक छीन लेते हैं। नगर निगम ने इन बंदरों को पकड़ने की कोई योजना अब तक नहीं बनाई है। गृहकर के रूप में करोड़ों रुपये टैक्स लेने वाले नगर निगम को आम जनता की सहूलियत से कोई लेना देना नहीं है।
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