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यादें 2016 : पूर्वांचल के ‘एम्स’ को ‘अमृत’

Thu, 29 Dec 2016 01:55 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
टीम डिजिटल,वाराणसी Updated Thu, 29 Dec 2016 01:55 PM IST
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varanasi Memories 2016: amrit medical store in BHU
बीएचयू में बनी अमृत फार्मेसी - फोटो : अमर उजाला

स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुजरता साल कई बड़ी उपलब्धियां जोड़ गया। सबसे अधिक सौगातें पूर्वांचल का ‘एम्स’ कहे जाने वाले बीएचयू के हिस्से आईं तो वहीं मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में भी सुविधा और संसाधनों में वृद्धि से मरीजों को राहत हुई।

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नए साल में बीएचयू में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल, शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के अलावा ईएसआई हॉस्पिटल के निर्माण की योजनाएं परवान चढ़ेंगी। साथ ही, उम्मीदें इसकी भी हैं कि जन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से शहर से गांवों तक हालात बदलेंगे।
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गुजरते साल के आखिरी महीने में बीएचयू को दो बड़ी सौगातें मिलीं। पहला अत्याधुनिक कैंसर हास्पिटल और दूसरा शताब्दी सुपरस्पेशियलिटी सेंटर का। इससे पहले 60 बेड वाला इमरजेंसी ब्लॉक चालू हुआ।
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कैंसर, हृदय रोग जैसी जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को आधे से भी कम कीमत पर दवाएं देने के लिए ‘अमृत फार्मेसी’ शुरू हुई।  हालांकि इमरजेंसी में सात मई को हुए ब्लॉस्ट का दर्द भी मिला।

घटना में एक की जान गई थी, 28 लोग घायल हुए थे। उधर दीनदयाल, मंडलीय और महिला अस्पताल में भी दवा-पर्चा काउंटर, जांच, ओपीडी सहित अन्य सुविधाओं में इजाफा हुआ।

हालांकि चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही, संसाधनों की कमी, संसाधनों का समुचित उपयोग न होना ऐसे कारण रहे, जिनसे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बीते साल की प्रमुख घटनाएं

varanasi Memories 2016: amrit medical store in BHU
जूनियर डॉक्टर हड़ताल से ओपीडी में पसरा सन्नाटा।

मंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर नहीं हुई लेकिन नई बिल्डिंग में ओपीडी शुरू होने, जांच सुविधाओं के लिए लाल पैथलेब्स, मेडी लैब से करार और डिजिटल एक्सरे मशीन मिलने से मरीजों को राहत हुई।

दीनदयाल अस्पताल के पैथालॉजी विभाग को भी खून की जांच से संबंधित चार मशीनें मिली और अस्पताल का चयन कायाकल्प योजना में हुआ। महिला अस्पताल में इसी साल नए भवन में ऑपरेशन थियेटर शुरू हुआ तो स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, रेडियोलॉजिस्ट की कमी दूर नहीं हो पाई।

बीते साल की प्रमुख घटनाएं

- मरीजों के लिए बीएचयू में पेन एंड पैलिएटिव वार्ड की शुरुआत

- बीएचयू में सिंगल विंडो शुरू हुआ ताकि एक ही जगह जांच और अन्य रिपोर्ट मिल सकें।

- अगस्त के आखिरी सप्ताह में ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों और बीएचयू के छात्रों में मारपीट। डॉक्टरों की दर्जनों बाइक फूंक दी गई, तोड़फोड़ और बवाल हुआ।

- जिले में पांच बच्चों की कुपोषण से मौत, आयर, हरहुआ, चोलापुर क्षेत्र में कुपोषण के नए केस सामने आए

- मंडलीय अस्पताल में नये भवन में ओपीडी के साथ ही भर्ती की सुविधा भी शुरू हुई।

- जिला महिला अस्पताल में कबीरचौरा में 100 बेड के अस्पताल की पहली बिल्डिंग तैयार

- मंडलीय अस्पताल में आयुष विभाग भी शुरू हुआ, जिसमें आयुर्वेद, होमियोपैथ इलाज हो रहा है।

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