{"_id":"5b19180a4f1c1b6c4d8b5470","slug":"varanasi-may-get-bullet-train-before-loksabha-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव से पहले वाराणसी को मिल सकती है बुलेट ट्रेन की सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा चुनाव से पहले वाराणसी को मिल सकती है बुलेट ट्रेन की सौगात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 08 Jun 2018 10:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोक सभा चुनाव से पहले बुलेट ट्रेन के दूसरे कॉरिडोर के रूप में वाराणसी-नई दिल्ली रूट की घोषणा हो सकती है। सुविधा के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यूपी के इस कॉरिडोर की घोषणा के लिए मंथन शुरू हो गया है। हालांकि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद अब दूसरे कॉरिडोर के लिए उच्चस्तरीय विचार विमर्श किया जा रहा है। भारतीय रेल के सूत्रों की मानें तो इसमें दिल्ली-वाराणसी रूट सबसे ऊपर है।
इसके पीछे एक मजबूत आधार यह भी दिया जा रहा है कि राजनीतिक लिहाज से बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी में इस घोषणा का फायदा मिल सकता है।
विज्ञापन
वहीं, फिजिबिलिटी के दृष्टिकोण से भी यह कॉरिडोर उपयुक्त बताया जा रहा है। वाराणसी और दिल्ली के बीच की दूरी लगभग 750 किलोमीटर है। रेलवे पहले ही बुलेट ट्रेन के बहुत लंबे कॉरिडोर बनाने की बजाय पांच सौ से आठ सौ किमी के कॉरिडोर बनाए जाने को लेकर तैयारी कर रहा है।
इससे कम खर्च के साथ ही निर्माण कार्य भी कम समय में पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद अब दूसरे कॉरिडोर के लिए उच्चस्तरीय विचार विमर्श किया जा रहा है। भारतीय रेल के सूत्रों की मानें तो इसमें दिल्ली-वाराणसी रूट सबसे ऊपर है।
विज्ञापन
इसके पीछे एक मजबूत आधार यह भी दिया जा रहा है कि राजनीतिक लिहाज से बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी में इस घोषणा का फायदा मिल सकता है।
विज्ञापन
वहीं, फिजिबिलिटी के दृष्टिकोण से भी यह कॉरिडोर उपयुक्त बताया जा रहा है। वाराणसी और दिल्ली के बीच की दूरी लगभग 750 किलोमीटर है। रेलवे पहले ही बुलेट ट्रेन के बहुत लंबे कॉरिडोर बनाने की बजाय पांच सौ से आठ सौ किमी के कॉरिडोर बनाए जाने को लेकर तैयारी कर रहा है।
इससे कम खर्च के साथ ही निर्माण कार्य भी कम समय में पूरा हो जाएगा।
रेल मंत्रालय भी पक्ष में
वाराणसी के मामले में रेल मंत्रालय को लगता है कि वाराणसी तक अगर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाया जाता है तो यूपी का एक बड़ा हिस्सा इससे जुड़ जायेगा। राजनीतिक नजरिए से यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है।
ऐसे में अगर मोदी सरकार के कार्यकाल में ही इस कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की जाती है तो इसे मोदी का वाराणसी को बड़ा तोहफा माना जाएगा। इसका फायदा सीमावर्ती प्रदेशों खासकर बिहार, मध्यप्रदेश आदि पर भी दिखने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऐसे में अगर मोदी सरकार के कार्यकाल में ही इस कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की जाती है तो इसे मोदी का वाराणसी को बड़ा तोहफा माना जाएगा। इसका फायदा सीमावर्ती प्रदेशों खासकर बिहार, मध्यप्रदेश आदि पर भी दिखने की उम्मीद जताई जा रही है।