देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी को मिलेगी अलग पहचान, हेरिटेज में ये स्थान हो सकते हैं शामिल
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काशी को हेरिटेज सिटी में शामिल करने के लिए एक बार फिर से प्रयास शुरू हुआ है। अगर काशी को हेरिटेज में शामिल किया गया तो काशी का एक अलग पहचान मिल जाएगी। वैसे तो बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी अपने आप में विश्व की प्राचीनतम नगरी मानी गई है, जिसके चलते यह विश्व पटल पर छाई हुई, लेकिन अभी तक इस नगरी को कोई हेरिटेज सिटी होने का प्रमाण नहीं मिला है।
जबकि यहां के धरोहर और पुराने मंदिर महल अपने आप में प्रमाणिकता को प्रदर्शित कर रहे हैं। देर से ही सही अगर इसके लिए प्रयास शुरू हुआ तो यह भी एक नया आयाम काशी के विकास में जुड़ जाएगा। पुरातत्व अधिकारी सुभाष यादव का कहना है कि शहर के सांस्कृतिक, धार्मिक और पौराणिक चीजों के प्राचीनतम स्वरूप को भौतिक रूप से अक्षुण्ण बनाए रखने के लिएयह जरूरी है। इससे शहर को एक नई पहचान मिलेगी।
इनटैक सदस्य अशोक कपूर का कहना है कि अगर काशी को हेरिटेज सिटी में शामिल किया जा रहा है तो बहुत ही सराहनीय है। हेरिटेज सिटी से काशी की चीजों को एक प्रमाणिकता मिल जाएगी।
ये होंगे फायदे
अगर हेरिटेज सिटी में कशी शामिल होती है तो जिन इलाकों को चिन्हित किया जाएगा। उस इलाके में रहने वाले लोग अपने घर का बदलाव नहीं करेंगे। इसके लिए मूल को बचाते हुए संरक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही कोई भी प्राचीन भवन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा। इस सिटी के लिए अलग से बजट जारी होगा, जो संरक्षण पर खर्च होगा।
चुनौतियां :
हेरिटेज सिटी बनाने में चुनौतियां भी काफी हैं। क्यांकि पुराने शहर को अगर इसमें शामिल किया गया तो निजी संपत्तियों के रख रखाव के लिए सरकार को खर्च करना होगा। इसके मूल में कोई परिवर्तन न हो। इसके लिए निजी भवनों पर भी बजट जारी करना पड़ेगा।
ये स्थान हो सकते हैं शामिल
पुरानी काशी
पुराने मंदिर
गंगा घाट
गुरुधाम मंदिर
पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के पड़ाव
प्राचीन कुंड
सारनाथ