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बनारस के इस नेता ने मफिया मुन्ना को दिया था बजरंगी नाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:18 AM IST
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
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मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह था। वह भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में जेल में बंद था। उस पर दर्जनों मुकदमे हत्या, लूट के दर्ज थे। सोमवार सुबह उसकी जेल के अंदर हत्या कर दी गई। आगे की स्लाइड्स में जानें...
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मुन्ना बजरंगी का खौफ पूर्वांचल में ही नहीं यूपी सहित कई राज्यों में था। वह किशोरावस्था ही से अपराध की दुनिया से आकर्षित होने लगा था। 1982 में मुन्ना बजरंगी पर लूट और हत्या का केस दर्ज हुआ था। 1984 में उसने रामपुर थाना क्षेत्र के रामपुर और गोपालापुर के बीच कालीन व्यवसायी को लूट की नीयत से गोली मार दी थी। कालीन व्यवसायी की मौत के बाद वह पुलिस की निगाह में आ गया।
Munna Bajrangi
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इसके बाद वह 90 के दशक में मुन्ना बजरंगी 90 के दशक में बनारस के डिप्टी मेयर अनिल सिंह के संपर्क में आया और करीबी होता चला गया। बताया जाता है कि अनिल सिंह ने ही मुन्ना को बजरंगी नाम दिया था।
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Munna Bajrangi
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बताया जाता है कि तेजी से बढ़ते हुए बजरंगी के प्रभाव और कुछ मामलों में बात न मानने के कारण अनिल सिंह ने बजरंगी को खुद से दूर कर दिया। इसी बीच वैष्णो देवी जाते समय बजरंगी की फोटो पहली बार सार्वजनिक हुई तो चर्चाएं उठी कि अनिल सिंह ने पुलिस को मुहैया कराई है।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुन्ना बजरंगी के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे। उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं। लेकिन 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया था। तब से उसे अलग अलग जेल में रखा जा रहा था। झांसी से बागपत जेल आए मुन्ना की गोली मार कर हत्या कर दी गई।