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श्री कृष्ण जन्माष्टमीः कान्हा के सुंदर सलोने रूप की झांकियां सजाने के लिए काशी तैयार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 13 Aug 2017 04:49 PM IST
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भादों की अंधेरी रात, रोहिणी नक्षत्र में अवरित होंगे नटवर नागर
- फोटो : अमर उजाला
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मोहरात्रि में काशी कान्हामय हो उठेगी। सनातन धर्मियों के घर-घर और मठों-आश्रमों में कान्हा के अवतरण की मनोरम झांकियां सजाई जाएंगी। भादों की अंधेरी रात में रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की खुशियां मनाने के लिए भोले की नगरी काशी तैयार है।
ठठेरी बाजार की गलियों में झांकियां सजाने के लिए 200 रुपये से चार हजार रुपये तक कीमतों में कान्हा के विविध स्वरूप उपलब्ध हैं। बाजार में मथुरा की जेल भी है और सोते हुए पहरेदार, गोप-गोपियां, संतरी, कंस, अघासुर, बकासुर और पूतना भी।
साज-सज्जा की दूकानों पर उमड़ रही भीड़
जन्माष्टमी की झांकियों के सजावटी सामान की दूकानें लंका, रथयात्रा, सिगरा, महमूगरगंज, बांसफाटक आदि जगहों पर सजी हैं। सबसे अधिक भीड़ इसके थोक मार्केट ठठेरी बाजार में उमड़ रही है।
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यहां अलग-अलग जन्माष्टमी समितियों के अलावा घरों में कान्हा का जन्मोत्सव मनाने वाले श्रद्धालु अपनी-अपनी पसंद के साज-सज्जा के सामान खरीद रहे हैं। कान्हा के विविध स्वरूपों के अलावा पगड़ी, मुकुट, पायल, बांसुरी आदि की खरीदारी की जा रही है।
जरी वाला मुकुट और ड्रेस की डिमांड अधिक
जन्माष्टमी के सजावटी सामान में जरी लगे मुकुट और परिधान की मांग अधिक है। बांसफाटक के दुकानदार बबलू के मुताबिक इस बार जरी वाले मुकुट हर आकार में मंगाए गए हैं। नए डिजाइन के परिधान भी आकर्षक हैं। बताया कि रविवार से खरीदारी में और तेजी आएगी।
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ठठेरी बाजार की गलियों में झांकियां सजाने के लिए 200 रुपये से चार हजार रुपये तक कीमतों में कान्हा के विविध स्वरूप उपलब्ध हैं। बाजार में मथुरा की जेल भी है और सोते हुए पहरेदार, गोप-गोपियां, संतरी, कंस, अघासुर, बकासुर और पूतना भी।
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साज-सज्जा की दूकानों पर उमड़ रही भीड़
जन्माष्टमी की झांकियों के सजावटी सामान की दूकानें लंका, रथयात्रा, सिगरा, महमूगरगंज, बांसफाटक आदि जगहों पर सजी हैं। सबसे अधिक भीड़ इसके थोक मार्केट ठठेरी बाजार में उमड़ रही है।
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यहां अलग-अलग जन्माष्टमी समितियों के अलावा घरों में कान्हा का जन्मोत्सव मनाने वाले श्रद्धालु अपनी-अपनी पसंद के साज-सज्जा के सामान खरीद रहे हैं। कान्हा के विविध स्वरूपों के अलावा पगड़ी, मुकुट, पायल, बांसुरी आदि की खरीदारी की जा रही है।
जरी वाला मुकुट और ड्रेस की डिमांड अधिक
जन्माष्टमी के सजावटी सामान में जरी लगे मुकुट और परिधान की मांग अधिक है। बांसफाटक के दुकानदार बबलू के मुताबिक इस बार जरी वाले मुकुट हर आकार में मंगाए गए हैं। नए डिजाइन के परिधान भी आकर्षक हैं। बताया कि रविवार से खरीदारी में और तेजी आएगी।
काशी में जीवंत होंगी कलाधर की लीलाएं
इस्कॉन मंदिर में 14 से 16 तक जन्माष्टमी महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
शिव की नगरी काशी में कलाधर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं जीवंत होंगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वृंदावन के कलाकार भगवान कृष्ण की बाल लीलाएं और रासलीलाएं प्रस्तुत करेंगे। सुदामा चरित और मोरनृत्य के जरिए भी महोत्सव को भव्यता दी जाएगी।
इस्कॉन मंदिर ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 14 अगस्त से 16 अगस्त तक यहां जन्माष्टमी महोत्सव के साथ उल्लास के साथ भक्त कान्हा के रंग में रंग जाएंगे।
इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अधोक्षज दास जी महाराज ने पत्रकार वार्ता में बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत 14 अगस्त को दुर्गाकुंड स्थित मंदिर में आरती, कीर्तन और भजन के साथ होगी।
इसके बाद वृंदावन के कलाकार सुदामा चरित और मोर नृत्य की प्रस्तुतियों से भक्तिभाव के अनगिनत रंग बरसाएंगे। 15 अगस्त को बाल लीला, रासलीला के साथ विभिन्न लीलाओं का मंचन होगा।
16 अगस्त को आखिरी दिन प्रभुपाद यशोगान, पुष्पांजलि, महाभिषेक के पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। प्रभाकर यादव ने बताया कि भगवान को मक्खन की केशरिया इमरती और मक्खन के लड्डू का भोग लगाया जाएगा। भंडारे में 10 तरह का फलाहार बनाया जाएगा।
इस्कॉन मंदिर ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 14 अगस्त से 16 अगस्त तक यहां जन्माष्टमी महोत्सव के साथ उल्लास के साथ भक्त कान्हा के रंग में रंग जाएंगे।
इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अधोक्षज दास जी महाराज ने पत्रकार वार्ता में बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत 14 अगस्त को दुर्गाकुंड स्थित मंदिर में आरती, कीर्तन और भजन के साथ होगी।
इसके बाद वृंदावन के कलाकार सुदामा चरित और मोर नृत्य की प्रस्तुतियों से भक्तिभाव के अनगिनत रंग बरसाएंगे। 15 अगस्त को बाल लीला, रासलीला के साथ विभिन्न लीलाओं का मंचन होगा।
16 अगस्त को आखिरी दिन प्रभुपाद यशोगान, पुष्पांजलि, महाभिषेक के पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। प्रभाकर यादव ने बताया कि भगवान को मक्खन की केशरिया इमरती और मक्खन के लड्डू का भोग लगाया जाएगा। भंडारे में 10 तरह का फलाहार बनाया जाएगा।
भगवान श्रीकृष्ण
- फोटो : अमर उजाला
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन होगा। पर्यावरण बचाने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नारी शक्ति सम्मान के संकल्प के साथ इसकी शुरुआत होगी। इसके तहत विविध आयोजन होंगे। यह जानकारी संस्था के मीडिया प्रभारी आलोक ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को अन्नपूर्णा नगर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 14 से 16 अगस्त तक प्रतिदिन शाम को तुलसीपूजा, गौर आरती, हरिनाम संकीर्तन और भजन संध्या का आयोजन होगा। इस दौरान स्थानीय व बाहरी कलाकारों द्वारा भजन की प्रस्तुति की जाएगी।
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