Varanasi: एक लाख रुपये घूस लेते हुए जंसा थाने के दरोगा गिरफ्तार, केस से नाम हटाने का नाम पर मांगे थे पैसे
वाराणसी में एंटी करप्शन की टीम ने जंसा थाने के दरोगा को एक लाख रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा को पकड़ कर रोहनिया थाने ले जाया गया है। वहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर अदालत में पेश किया जाएगा।
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वाराणसी के जंसा थाने के दरोगा अभिषेक वर्मा और बिचौलिया शिवम सिंह को एक लाख रुपये घूस लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने गुरुवार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शुक्रवार को दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जाएगा।
2019 बैच का दरोगा अभिषेक प्रयागराज जिले के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के सलोरी शुक्ला मार्केट का मूल निवासी है। वहीं, बिचौलिया शिवम सिंह जंसा थाना क्षेत्र के कतवारूपुर गांव का रहने वाला है। बेरुका गांव निवासी सैफ ने बीते पांच मई को जंसा थाने में चार नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ घर में घुस कर मारपीट और धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मुकदमे की विवेचना जंसा थाने की कस्बा चौकी में सेकेंड अफसर के पद पर तैनात दरोगा अभिषेक वर्मा को दी गई। प्रकरण में नामजद आरोपी अमजद हुसैन ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की वाराणसी इकाई से शिकायत की कि दरोगा अभिषेक उस पर दबाव बना रहे हैं कि एक लाख रुपये दे दो तो मुकदमे की धारा कम करने के साथ ही नाम भी निकाल देंगे।
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शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने अमजद को केमिकल युक्त नोटों की गड्डी थमा कर दरोगा अभिषेक को देने के लिए दीनदासपुर स्थित लंगोटिया हनुमान मंदिर के सामने बुलाने को कहा। दरोगा अभिषेक बिचौलिया शिवम के साथ दोपहर 12:50 बजे हनुमान मंदिर के सामने अमजद से पैसा लेने पहुंचा।
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उसी समय भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रभारी निरीक्षक नीरज सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल शैलेंद्र राय व सुनील यादव और कांस्टेबल सुमित भारती, अजय यादव व विनोद की टीम ने दोनों को रंगेहाथ धर दबोचा। इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज करा कर उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है।
विभागीय कार्रवाई l/
दरोगा अभिषेक वर्मा की बमुश्किल चार साल की नौकरी और घूस लेने के आरोप में गिरफ्तारी गुरुवार को पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस कर्मियों का ही कहना था कि दरोगा अभिषेक को संयम से काम लेना चाहिए था। वहीं, पुलिस अफसरों ने बताया कि दरोगा अभिषेक वर्मा को निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।