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वाराणसी का ‘इज्जत घर’ देश के लिए भी बना नजीर, पीएम मोदी ने की थी प्रशंसा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/लखनऊ
Updated Sat, 21 Oct 2017 12:17 PM IST
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शहंशाहपुर गांव में बना शौचालय 'इज्जत घर'
- फोटो : twitter
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उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शौचालय को ‘इज्जत घर’ नाम देना, केंद्र सरकार को भा गया है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार को पत्र लिखकर इस प्रयोग की सराहना की है। साथ ही सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को अपने-अपने राज्यों में इसी थीम पर शौचालयों का नामकरण करने की सलाह दी है।
केंद्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के अवर सचिव सुनील कुमार ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि यूपी केकई हिस्सों में शौचालयों का नाम इज्जत घर रखा जाना एक अच्छा काम है। यह संपूर्ण परिवार में अपने शौचालय के लिए प्रतिष्ठा व गर्व की भावना भर देता है।
कुमार ने अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि यह रीति देश के अन्य हिस्सों में भी दोहराई जाए। हिंदी भाषी क्षेत्र इज्जत घर नाम रखना जारी रखें और अन्य क्षेत्र अपनी स्थानीय भाषा में इसी के अनुरूप नाम रख सकते हैं जो हाउस ऑफ डिग्निटी के समतुल्य हों।
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अवर सचिव ने कहा है कि सभी राज्यों को इसी प्रकार की स्थानीय पहल और उत्तम रीतियां शुरू करनी चाहिए जो परिवारों में शौचालय होना और इसका प्रयोग करना प्रतिष्ठा व गौरव का विषय बने।
उन्होंने राज्यों से कहा है कि वे ऐसी उत्तम रीतियों को मंत्रालय के ध्यान में लाएं ताकि ऐसी पहल अन्य राज्यों को भी साझा की जा सके और पूरे देश में इसे बढ़ावा दिया जा सके।
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केंद्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के अवर सचिव सुनील कुमार ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि यूपी केकई हिस्सों में शौचालयों का नाम इज्जत घर रखा जाना एक अच्छा काम है। यह संपूर्ण परिवार में अपने शौचालय के लिए प्रतिष्ठा व गर्व की भावना भर देता है।
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कुमार ने अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि यह रीति देश के अन्य हिस्सों में भी दोहराई जाए। हिंदी भाषी क्षेत्र इज्जत घर नाम रखना जारी रखें और अन्य क्षेत्र अपनी स्थानीय भाषा में इसी के अनुरूप नाम रख सकते हैं जो हाउस ऑफ डिग्निटी के समतुल्य हों।
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अवर सचिव ने कहा है कि सभी राज्यों को इसी प्रकार की स्थानीय पहल और उत्तम रीतियां शुरू करनी चाहिए जो परिवारों में शौचालय होना और इसका प्रयोग करना प्रतिष्ठा व गौरव का विषय बने।
उन्होंने राज्यों से कहा है कि वे ऐसी उत्तम रीतियों को मंत्रालय के ध्यान में लाएं ताकि ऐसी पहल अन्य राज्यों को भी साझा की जा सके और पूरे देश में इसे बढ़ावा दिया जा सके।
वाराणसी में इज्जत घर लिखा देखकर मोदी हुए थे खुश
शहंशाहपुर गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : twitter
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले महीने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आए थे। वहां वह आराजी लाइन ब्लाक के शहंशाहपुर गांव गए थे। वहां शौचालय पर इज्जत घर लिखा देखकर बहुत खुश हुए थे। उन्होंने इस प्रयोग की तारीफ की थी।
साथ ही यह भी कहा था कि जिन लोगों को अपनी इज्जत की चिंता होगी वे शौचालय जरूर बनाएंगे। अब केंद्र के स्वच्छता व पेयजल मंत्रालय ने अन्य राज्यों को इसे अपनाने की सलाह देकर प्रदेश का उत्साह बढ़ा दिया है। यूपी शौचालय निर्माण में इस समय अव्वल है।
जिला पंचायत राज अधिकारी शाश्वत आनंद सिंह ने कहा कि जुलाई महीने में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक में वाराणसी में बन रहे शौचालयों को इज्जत घर का नाम देना तय किया गया। सबसे पहले इसका प्रयोग पीएम के गोद लिए गांव ककरहिया में हुआ।
इसके बाद सभी शौचालयों पर यह खास तौर पर लिखाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जब शाहंशाहपुर शौचालयों पर इज्जत घर लिखा देखा तो बहुत खुश हुए थे। इसी का परिणाम है आज वाराणसी की यह मुहिम पूरे देश में फैलने जा रही है। हम सभी के लिए यह बहुत गर्व की बात है। हमारा प्रयास है कि दिसंबर तक पूरे जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया जाए।
साथ ही यह भी कहा था कि जिन लोगों को अपनी इज्जत की चिंता होगी वे शौचालय जरूर बनाएंगे। अब केंद्र के स्वच्छता व पेयजल मंत्रालय ने अन्य राज्यों को इसे अपनाने की सलाह देकर प्रदेश का उत्साह बढ़ा दिया है। यूपी शौचालय निर्माण में इस समय अव्वल है।
जिला पंचायत राज अधिकारी शाश्वत आनंद सिंह ने कहा कि जुलाई महीने में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक में वाराणसी में बन रहे शौचालयों को इज्जत घर का नाम देना तय किया गया। सबसे पहले इसका प्रयोग पीएम के गोद लिए गांव ककरहिया में हुआ।
इसके बाद सभी शौचालयों पर यह खास तौर पर लिखाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जब शाहंशाहपुर शौचालयों पर इज्जत घर लिखा देखा तो बहुत खुश हुए थे। इसी का परिणाम है आज वाराणसी की यह मुहिम पूरे देश में फैलने जा रही है। हम सभी के लिए यह बहुत गर्व की बात है। हमारा प्रयास है कि दिसंबर तक पूरे जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया जाए।