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वाराणसी: भोर में पंचद्रव्य स्नान के साथ मां ब्रह्मचारिणी को जगाया, नारियल, चुनरी लेकर पहुंचे भक्त; जयकारे

Tue, 13 Oct 2026 02:27 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 13 Oct 2026 02:27 PM IST
सार

वाराणसी में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा।

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Varanasi Goddess Brahmacharini awakened Panch-dravya bath devotees arrived coconuts Chunris praise
मां ब्रह्मचारिणी का किया गया भव्य श्रृंगार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी के दरबार में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। कालभैरव मंदिर से दुर्गाघाट जाने वाले मार्ग पर भोर से ही भक्तों की कतारें लगी रहीं। सोमवार को भोर में तीन बजे मां को पंचद्रव्य से स्नान कराया गया। इसके बाद उनका पुष्पों से शृंगार किया गया। मंगला आरती के बाद जैसे ही पट खुले, भक्तों के ओम देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः... के जयघोष से पक्के महाल की गलियां गूंज उठीं।

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भक्तों ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन किए और विश्व कल्याण की कामना की। श्रद्धालु हाथ में नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर घंटों लाइन में लगे रहे। उन्होंने फल, फूल, नारियल और नैवेद्य मां को अर्पित किए। मंदिर में हर घंटे मां की आरती उतारी गई। इस दौरान शंख, घंट और घड़ियालों की ध्वनि से पूरा क्षेत्र गूंजायमान रहा। 
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दुर्गाघाट स्थित मां ब्रह्मचारिणी के मंदिर में वर्ष में केवल एक दिन भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस दिन मंदिर मां ब्रह्मचारिणी की मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक खुला रहता है। मान्यता है कि नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से तप, त्याग और संयम का आशीर्वाद मिलता है। मंदिर के महंत राजेश्वर सागरकर ने बताया कि मां को उनका प्रिय भोग खीर अर्पित किया गया और खीर से हवन किया गया। 

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बाबा विश्वेश्वर के दरबार में गूंजी शक्ति की स्तुति
शारदीय नवरात्र के दूसरे दिवस सोमवार को पुरातन परंपरा के अनुसार, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से काशी की अधिष्ठात्री शक्ति स्वरूपा मां विशालाक्षी के लिए शृंगार सामग्री बाबा विश्वेश्वर को विधि-विधानपूर्वक अवलोकित कराकर अर्पित की गई। इसके बाद मंदिर परिसर में विद्वान शास्त्रियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवदुर्गा सप्तशती का विधिवत पाठ किया गया।

इस दौरान समस्त मानव जाति के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं शांति की मंगलकामना की गई। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही धाम का वातावरण संध्या पहर कला और संगीत के रंगों से सराबोर हो उठा। धाम स्थित शंकराचार्य चौक (मंदिर चौक) में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ उद्घोषिका मीनाक्षी दीक्षित के संचालन में हुआ।

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