फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   varanasi flyover collapse enquiry will be submit to CM yogi

वाराणसी फ्लाईओवर हादसा: जांच समिति लौटी, CM योगी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Fri, 18 May 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 18 May 2018 10:26 AM IST
विज्ञापन
varanasi flyover collapse enquiry will be submit to CM yogi
कई बिंदुओं पर की जांच, सेतु निगम के साथ प्रशासन की भूमिका पर सवाल - फोटो : अमर उजाला
बीते मंगलवार को वाराणसी में हुए फ्लाईओवर हादसे में मुख्यमंत्री की ओर से गठित जांच टीम गुरुवार को लौट गई। घटना की पूरी रिपोर्ट पर जांच समिति ने सेतु निगम के साथ प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री को यह रिपोर्ट सौंपी जाएगी और इसके बाद कुछ जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन


एपीसी राजप्रताप सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी में सिंचाई विभागाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा और जल निगम के प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल की टीम ने अपनी जांच में बीम को रोकने के लिए कारगर उपाय नहीं किए जाने को ही घटना का मुख्य कारण माना है। इसके अलावा यातायात को डायवर्ट नहीं किए जाने पर सेतु निगम के साथ प्रशासन को जिम्मेदार माना है।
विज्ञापन


टीम ने बीम और पिलर्स के बीच की बेयरिंग की गुणवत्ता में खामी मानी है। जांच समिति ने रूट डायवर्जन के लिए सेतु निगम के पत्रों का हवाला दिया है। निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल आईआईटी कानपुर की लैब में भेजा गया है। इस रिपोर्ट में सेतु निगम के अधिकारियों के अलावा मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी से मिली जानकारियों का जिक्र किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी आएंगे मुख्यमंत्री
फ्लाईओवर हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 मई को वाराणसी आएंगे। रात्रि विश्राम के बाद 20 मई को निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। माना जा रहा है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री बड़ी कार्रवाई भी कर सकते हैं।

ढाई महीने से ऐसे ही रखे थे 110 टन वजनी दो बीम

varanasi flyover collapse enquiry will be submit to CM yogi
शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि जो दो बीम गिरे थे उनका वजन 110 टन है। 55-55 टन वजनी इन दोनों बीम को फरवरी महीने में ही फ्लाईओवर के पिलर पर रख दिया गया था। नियमानुसार दोनों बीम को पिलर पर रखते ही बेयरिंग से इंटरलॉक कर दिया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आशंका जताई गई है कि फ्लाईओवर की दोनों तरफ की सड़क से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के दबाव के कंपन से असंतुलित होकर बीम नीचे गिरे हैं।

फोरेंसिक यूनिट और क्राइम ब्रांच ने फिर किया मुआयना
रेलवे की एईएन कॉलोनी के सामने जहां फ्लाईओवर की दो बीम गिरे थे वहां गुरुवार की शाम फोरेंसिक यूनिट और क्राइम ब्रांच की टीम एक बार फिर पहुंची। फोरेंसिक यूनिट ने मौके से निर्माण सामग्री के नमूने लिए।

इसके साथ ही आकलन किया कि आखिरकार किस वजह से दोनों बीम गिरे। फोरेंसिक यूनिट के साथ सिविल इंजीनियरिंग के जानकार भी थे। मौके पर काफी देर तक तकनीकी पहलुओं, वाहनों के दबाव से होने वाले कंपन और तूफान की तीव्रता पर चर्चा कर लिखा-पढ़ी की गई।

सेतु निगम कार्यालय धमकी क्राइम ब्रांच, कागजात सील

varanasi flyover collapse enquiry will be submit to CM yogi
varanasi - फोटो : अमर उजाला

 निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से हुई 15 लोगों की मौत के मामले में सिगरा थाने में दर्ज मुकदमे की तफ्तीश पुलिस ने शुरू कर दी है। गुरुवार दोपहर एसपी क्राइम अपनी टीम के साथ वरुणा पुल स्थित सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक (सीपीएम) कार्यालय धमके और बंद कमरे में एक घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान निलंबित मुख्य परियोजना प्रबंधक एचसी तिवारी और निलंबित परियोजना प्रबंधक केआर सूदन को कई बार प्यास लगी। दोनों ने तबीयत खराब होने का हवाला दिया और हादसे को लेकर आंसू बहाते नजर आए।

एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने कार्यालय के कागजात को सील कर दोनों निलंबित अधिकारियों को जांच में सहयोग करने की ताकीद की। चौकाघाट फ्लाईओवर के टेंडर से लेकर अब तक के कार्य के दौरान तैनात रहे मुख्य परियोजना प्रबंधक, परियोजना प्रबंधक, पर्यवेक्षण अधिकारी, अभियंता, कर्मचारियों, मजदूरों और उनकी जिम्मेदारी के अलावा निर्माण सामग्री का ब्योरा शुक्रवार शाम तक उपलब्ध कराने को कहा। इस दौरान हादसे के बारे में दोनों अधिकारियों से जानकारी भी ली गई।

कैंट रेलवे स्टेशन के समीप केईएन कॉलोनी के सामने निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम मंगलवार की शाम सड़क पर गिर गई थीं। बीम के नीचे दबे वाहनों में सवार 15 लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हो गए थे। हादसे को लेकर सेतु निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार व उनके कर्मचारियों के खिलाफ बुधवार को सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

एसपी क्राइम के साथ क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह व उनकी टीम थी।  फोरेंसिक यूनिट की जांच और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed