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वाराणसी फ्लाईओवर हादसाः क्राइम ब्रांच की जांच में हुआ बड़ा खुलासा, उठ रहे सवाल

Wed, 23 May 2018 10:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 23 May 2018 10:32 AM IST
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Varanasi flyover collapse crime branch investigation report
सेतु निगम के निलंबित एमडी से पूछताछ करने लखनऊ जाएगी क्राइम ब्रांच - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो बीम गिरने से हुई 15 लोगों की मौत के मामले में सात दिन बाद भी पुलिस की कार्रवाई साक्ष्य एकत्र करने और पूछताछ तक सीमित है। हालांकि जांच में सामने आया है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त फ्लाईओवर पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था।
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मामले की तफ्तीश कर रही क्राइम ब्रांच का कहना है कि सेतु निगम के निलंबित एमडी राजन मित्तल से पूछताछ करने के लिए जल्द ही एक टीम लखनऊ जाएगी।
उधर, पुलिस की तफ्तीश में देरी पर आमजन भी सवाल उठाने लगे हैं। गौरतलब है कि निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के दो बीम रेलवे की एईएन कॉलोनी के सामने सड़क पर गिर गए थे।
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बीम के नीचे दबे वाहनों में सवार 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। मामले को लेकर पुलिस की ओर से 16 मई को सिगरा थाने में सेतु निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को मुकदमे की विवेचना सौंपी। तब से लेकर अब तक पुलिस की तफ्तीश पूछताछ, बयान दर्ज करने और साक्ष्य एकत्र करने तक ही सीमित है।

वहीं, हादसे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख बेहद सख्त है और उन्होंने कहा है कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। इसके बावजूद कछुआ की गति से चल रही पुलिस की तफ्तीश से ऐसा प्रतीत होता है कि मानो सिर्फ जांच ही होगी और आरोपी खुलेआम घूमते रहेंगे।

इस बीच, सोमवार को भी इंग्लिशिया लाइन तिराहा से लहरतारा चौराहा के बीच चारपहिया वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हो सका। इससे कैंट-लहरतारा के बीच यात्रियों को आवागमन में खासी परेशानी उठानी पड़ी। 

मजिस्ट्रियल जांच की रफ्तार सुस्त
जिलाधिकारी की ओर से कराई जा रही मजिस्ट्रियल जांच की रफ्तार भी बेहद धीमी है। तीन प्रत्यक्षदर्शियों के बाद सेतु निगम के निलंबित अधिकारियों का बयान लेने के बाद जांच अधिकारी अब कुछ और प्रत्यक्षदर्शियों की तलाश में हैं। हालांकि जांच अधिकारी का दावा है कि कई तथ्यों को जांच में शामिल किया गया है और निर्धारित समय में जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी।

15 मौतों के मामले की तफ्तीश नहीं पकड़ पा रही गति

Varanasi flyover collapse crime branch investigation report
निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से हुई 15 मौतों से जुड़े मुकदमे की तफ्तीश गति नहीं पकड़ पा रही है। प्रदेश सरकार के स्तर से सख्त निर्देश के बावजूद पुलिस हादसे के सात दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस उन्हें गिरफ्तार तक नहीं कर सकी है।

पुलिस की कार्रवाई महज साक्ष्य एकत्र करने तक ही सीमित है और इसे लेकर आमजन में खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब प्रदेश सरकार की तकनीकी समिति ने दोषियों को चिह्नित कर दिया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है।

15 मई की शाम साढ़े पांच बजे के लगभग निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम कैंट रेलवे स्टेशन के समीप एईएन कॉलोनी के सामने सड़क पर गिर गई थी। हादसे में एक बीम के नीचे दबे वाहनों में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हो गए थे।

16 मई को पुलिस की ओर से सिगरा थाने में सेतु निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई ठोस तरीके से नजर नहीं आई।

सिगरा थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच फिलहाल साक्ष्य एकत्र करने और बयान दर्ज तक ही सीमित है। इसे लेकर लोगों का कहना है कि आखिर इतने गंभीर मामले की तफ्तीश और कार्रवाई में पुलिस को समय क्यों लग रहा है।

पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों पर भी हो कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जब सर्किट हाउस में ठहरे थे तो उनसे मुलाकात करने के लिए डीएलडब्ल्यू से योगिता तिवारी पहुंची। हालांकि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने योगिता को सीएम से नहीं मिलने दिया।

योगिता फ्लाईओवर हादसे से बेहद आहत हैं और उनका कहना था कि इसके लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी तो जिम्मेदार हैं। सामूहिक लापरवाही के कारण इतने लोगों की जान गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह से योगिता को समझाबुझाकर शांत कराया और उन्हें उनके घर भेज दिया।
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