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रिश्वत के आरोप में पटल बाबू हटाए गए: 50 हजार का मामला, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट; शिकायतकर्ता ने चेताया

Sat, 22 Aug 2026 10:17 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 22 Aug 2026 10:17 PM IST
सार

जिले में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में तहसील के पटल बाबू को हटा दिया गया है। जांच में प्रथमदृष्टया शिकायत सही मिलने के बाद कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी कि यदि आगे कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से धरना शुरू करेगा।

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Patal Babu removed over bribery allegations 50000 case report sent administration complainant issues warning
रिश्वत केस में पटल बाबू गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एआरटीओ कार्यालय में पांच टेलरों के पंजीकरण के नाम पर 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगने के मामले में शनिवार को पटल बाबू गणेशदत्त को रजिस्ट्रेशन पटल से हटा दिया गया। शासन के संज्ञान के बाद जांच करने पहुंचे उप परिवहन आयुक्त वाराणसी मंडल भीमसेन सिंह और एआरटीओ प्रशासन राघवेंद्र सिंह ने करीब डेढ़ घंटे तक शिकायतकर्ता और विभागीय कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच में प्रथम दृष्ट्या शिकायत सही पाए जाने पर बाबू को रजिस्ट्रेशन पटल से हटाकर डिस्पैच पटल की जिम्मेदारी दी गई। अधिकारियों ने मामले में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करने की बात कही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित पत्रावली भी अपने कब्जे में ले ली। मड़ियाहूं निवासी शिकायतकर्ता विनय सिंह और विभागीय कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। उप परिवहन आयुक्त ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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शिकायतकर्ता विनय सिंह ने बाबू को केवल पटल से हटाए जाने पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से एआरटीओ कार्यालय में धरना दिया जाएगा। उनका आरोप है कि जिले के कई मोटर मालिक कथित वसूली से परेशान हैं। जांच के दौरान एआरटीओ अजित सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र सिंह, आरआई अशोक यादव समेत विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

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पहले शिकायतें थीं तो महत्वपूर्ण पटल क्यों दिया
जांच के दौरान मीडिया कर्मियों ने अधिकारियों से सवाल किया कि संबंधित बाबू के खिलाफ पहले से भ्रष्टाचार की शिकायतें होने के बावजूद उन्हें रजिस्ट्रेशन जैसे महत्वपूर्ण पटल की जिम्मेदारी क्यों दी गई। बाबू की कार पर मानक के विपरीत नंबर प्लेट लगाए जाने की शिकायत का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर उप परिवहन आयुक्त ने स्थानीय अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह भी जांच का विषय है।

पांच टेलर लेकर कार्यालय पहुंचे थे वाहन स्वामी
विनय सिंह शुक्रवार को पांच टेलर लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे और वाहनों को कार्यालय के सामने खड़ा कर दिया था। इससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पांचों टेलरों के पंजीकरण के लिए रजिस्ट्रेशन पटल पर तैनात बाबू ने 50 हजार रुपये की मांग की। उनका कहना था कि सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद करीब एक सप्ताह से पंजीकरण की प्रक्रिया लंबित थी।

प्रमाण के साथ शिकायत करने की अपील
उप परिवहन आयुक्त ने लाइसेंस बनाने के नाम पर वसूली और पंजीकरण में दलालों की मध्यस्थता की शिकायतों पर लोगों से प्रमाण के साथ शिकायत करने की अपील की। उन्होंने बताया कि हल्के वाहन के प्रशिक्षण के लिए छह हजार और भारी वाहन के प्रशिक्षण के लिए 10 हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। मोटर ट्रेनिंग सेंटर पर बिना प्रशिक्षण के शुल्क लिए जाने की शिकायत प्रमाण के साथ मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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