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Varanasi News: वरुणा नदी में दिन भर घटाव के बाद शाम को ठहराव, कई बस्तियां अब भी जलमग्न; राहत कार्य अधूरे
Tue, 22 Jul 2025 05:27 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Tue, 22 Jul 2025 05:27 AM IST
सार
Flood: वाराणसी में वरुणा नदी का पानी स्थित हो गया है लेकिन समस्याएं अभी बरकरार हैं। शिविर में रह रहे लोग अपने सामानों को लेकर चिंतित हैं। वहीं, गंगा के किनारे भी काफी परेशानियां आ गई हैं।
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वरुणा का पानी आबादी क्षेत्र में पहुंच गया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Flood in Varanasi: वरुणा नदी के पलट प्रवाह का असर सोमवार को भी कई इलाकों में नजर आया। दिनभर नदी के जलस्तर में कुछ सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन शाम होते-होते यह घटाव थम गया। फिलहाल नदी का बहाव स्थिर है, लेकिन इससे प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।
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बाढ़ की चपेट में नक्खीघाट, दिनदयालपुर, दनियालपुर, पुलकोहना, शैलपुत्री, सरैया, कोनिया नई बस्ती, वियईपुरा समेत कई इलाके आ चुके हैं। इन इलाकों में गलियों से लेकर घरों के अंदर तक पानी भर गया है। हालात ये हैं कि लोग अपने घरों में फंसे हैं और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राशन, पीने का पानी, दवा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए बाढ़ पीड़ितों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कुछ इलाकों में एक बार बाढ़ राहत सामग्री पहुंचाई गई थी, लेकिन उसके बाद से कोई दोबारा हाल लेने नहीं आया। कोनिया नई बस्ती निवासी राजू कुमार, श्याम कुमार, दिलशाद, रिजवान, सकीना बानो और फातिमा ने बताया कि पहली बार जब नाव से कुछ खाद्य सामग्री दी गई थी, तब उम्मीद जगी थी कि सहायता नियमित रूप से मिलेगी। लेकिन, पिछले दो दिनों से राहत सामग्री नहीं दी गई।
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इलाके में नाव की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए पानी में निकलना जोखिम भरा है और नाव के सहारे ही उन्हें अस्पताल या शिविरों तक पहुंचाना संभव है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नावों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमित रूप से भोजन, पानी व चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की जाए।