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वाराणसी नकली वैक्सीन मामला: सरगना की तलाश में दिल्ली-एनसीआर में एसटीएफ का डेरा

Sat, 05 Feb 2022 01:08 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 05 Feb 2022 01:08 AM IST
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Varanasi fake vaccine case: STF camped in New Delhi and NCR in search of kingpin mostly underground
एसटीएफ - फोटो : सोशल मीडिया

नकली रेमडेसिविर, कोविड टेस्ट किट और नकली वैक्सीन तैयार कर बेचने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए यूपी एसटीएफ की टीमें ताबड़तोड़ छापा मार रही हैं। नई दिल्ली निवासी गिरोह के सरगना के ठिकानों और एनसीआर तक में टीमें दबिश दे रही है। हालांकि इसमें अधिकतर भूमिगत हो गए हैं।

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किट और अन्य मेडिकल से संबंधित सामग्रियों की खरीद बिक्री करने वाले कुछ लोगों को उठाकर उनके बारे में एसटीएफ की टीमें पूछताछ कर रही है, लेकिन बहुत हद तक गिरोह के सदस्यों के बारे में सफलता अभी नहीं मिल पा रही है। उधर, लंका क्षेत्र के कुछ दवा कारोबारी जो इन आरोपियों के संपर्क में थे, वह भी भूमिगत हो गए हैं और अधिकतर का मोबाइल भी बंद हो गया है।
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एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार गिरोह में शामिल सदस्यों की कड़ी से कड़ी जुड़ती जा रही है, एक चेन व्यवस्था के तहत यह कारोबार को जमाने में लगे हुए थे। परत दर परत अन्य कई चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लग रही हैं। यूपी एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों को जल्द ही दबोच लिया जाएगा।

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लंका थाना के नरिया स्थित रोहित नगर कालोनी में बुधवार सुबह एसटीएफ वाराणसी इकाई ने एक मकान में छापा मार कर चार करोड़ रुपये मूल्य का नकली कोविड टेस्ट किट और वैक्सीन बनाने का भंडाफोड़ किया था और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के मोबाइल और इलेक्ट्रानिक उपकरण के जरिये एसटीएफ की तीन टीमें  गिरोह के सरगना की तलाश में है।

गिरफ्तार नई दिल्ली मालवीय नगर निवासी लक्ष्य जावा के जरिये ही बनारस में नकली दवाओं की खेप बनाई जा रही थी और उसके मार्फत ही दिल्ली ले जाकर माल को दक्षिण भारत के शहरों और बिहार, झारखंड तक खपाया जाता था। इसमें लक्सा थाना अंतर्गत सिद्धगिरी बाग निवासी राकेश थानवी और चौक के पठानी टोला निवासी संदीप शर्मा, बौलिया लहरतारा निवासी अरुणेश विश्वकर्मा और बलिया रसड़ा निवासी शमशेर सिंह भी रात में सड़क मार्ग से कभी-कभी माल लेकर जाते थे। सभी पांच आरोपी फिलहाल जिला जेल चौकाघाट में बंद हैं। सरगना सहित अभी दस आरोपी चिह्नित हुए हैं, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर दिन रात एसटीएफ एक की हुई है।

रात के समय में बनती थीं दवाईयां
रोहित नगर कालोनी निवासी जटारानी के जिस मकान में नकली कोविड दवाईयां बनाई जाती थी, उस इलाके के लोग अब धीरे-धीरे खुलना शुरू हुए हैं। कालोनी के लोगों के अनुसार दिन में इन युवकों को बहुत कम ही लोगों ने बाहर निकलते हुए देखा होगा। अक्सर यह रात में दिखते थे। चार पहिया गाड़ियां आती थीं, जिनके शीशे पर मेडिकल का चिह्न बना रहता था। लोगों के अनुसार संभवत: यह रात में ही दवाएं बनाते थे। नकली कोविड वैक्सीन और टेस्ट किट बनाने के इस खेल का भंडाफोड़ होने के बाद इलाके में किरायेदारों का सत्यापन भी पुलिस ने तेज कर दिया है। पार्षद और अन्य सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर रुचि लेने वालों से लंका पुलिस बातचीत करते हुए इलाके के बारे में और जानकारियां जुटा रही है।

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