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टॉप 10 में पांचवें नंबर पर पहुंची सारनाथ की ई-पीएचसी
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दूर दराज के मरीजों को घर बैठे ऑनलाइन परामर्श की सुविधा के लिए सारनाथ की ई-पीएचसी का नाम प्रदेश के टॉप 10 स्वास्थ्य केंद्रों में पांचवें नंबर पर है। यहां छह हजार मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिल चुका है। प्रदेश के दस जिलों में इस तरह की सुविधा की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत की गई थी। उक्त जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि शनिवार को शासन की ओर से ई-पीएचसी के तहत सुविधा देने वाले स्वास्थ्य केंद्रों की रिपोर्ट जारी की गई है।
डिजिटल इंडिया मुहिम का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा है। मरीजों के लिए घर बैठे परामर्श की सुविधा में अब तक दस जिलों में करीब 50 हजार से अधिक मरीजों को लाभ मिला है। वाराणसी ई-पीएचसी की सुविधा प्रदान कराने में श्रेष्ठ पांच जिलों में शामिल हैं। वहीं, वाराणसी मंडल की बात करें तो चंदौली जिला सबसे आगे हैं। वाराणसी, चंदौली के साथ ही बहराइच, फतेहपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, गोरखपुर और सोनभद्र हैं। वाराणसी में सारनाथ की पीएचसी पर इसके तहत 6242 मरीजों को सुविधा का लाभ मिला है। चंदौली के कमलापुर ई-पीएचसी में सर्वाधिक 8,348 मरीजों का इलाज किया गया है।
इन जिलों में इतने मरीजों को मिला लाभ
बहराइच 6773
फतेहपुर 6681
श्रावस्ती 5809
बलरामपुर 4555
सिद्धार्थनगर 3515
चित्रकूट 3164
गोरखपुर 2872
सोनभद्र 2836
क्या है ई-पीएचसी
एडिशनल सीएमओ डॉ. एके मौर्य ने बताया कि ई-पीएचसी यानी इलेक्ट्रानिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उत्तर प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर विकसित किए गए हैं। ई-पीएचसी पर नर्स, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट होते हैं। मरीजों का पंजीकरण करने के बाद वीडियो कालिंग के जरिये तत्काल एमबीबीएस डॉक्टर परामर्श देते हैं। मरीज की पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट डॉक्टर और मरीज दोनों के ईमेल पर एक साथ आती है। न केवल मरीज को परामर्श, दवा की निशुल्क सुविधा दी जाती है, बल्कि ईसीजी, एचआईवी, डेंगू, मलेरिया समेत 21 से अधिक पैथोलॉजिकल जांच भी मुफ्त में की जाती है।
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डिजिटल इंडिया मुहिम का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा है। मरीजों के लिए घर बैठे परामर्श की सुविधा में अब तक दस जिलों में करीब 50 हजार से अधिक मरीजों को लाभ मिला है। वाराणसी ई-पीएचसी की सुविधा प्रदान कराने में श्रेष्ठ पांच जिलों में शामिल हैं। वहीं, वाराणसी मंडल की बात करें तो चंदौली जिला सबसे आगे हैं। वाराणसी, चंदौली के साथ ही बहराइच, फतेहपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, गोरखपुर और सोनभद्र हैं। वाराणसी में सारनाथ की पीएचसी पर इसके तहत 6242 मरीजों को सुविधा का लाभ मिला है। चंदौली के कमलापुर ई-पीएचसी में सर्वाधिक 8,348 मरीजों का इलाज किया गया है।
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इन जिलों में इतने मरीजों को मिला लाभ
बहराइच 6773
फतेहपुर 6681
श्रावस्ती 5809
बलरामपुर 4555
सिद्धार्थनगर 3515
चित्रकूट 3164
गोरखपुर 2872
सोनभद्र 2836
क्या है ई-पीएचसी
एडिशनल सीएमओ डॉ. एके मौर्य ने बताया कि ई-पीएचसी यानी इलेक्ट्रानिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उत्तर प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर विकसित किए गए हैं। ई-पीएचसी पर नर्स, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट होते हैं। मरीजों का पंजीकरण करने के बाद वीडियो कालिंग के जरिये तत्काल एमबीबीएस डॉक्टर परामर्श देते हैं। मरीज की पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट डॉक्टर और मरीज दोनों के ईमेल पर एक साथ आती है। न केवल मरीज को परामर्श, दवा की निशुल्क सुविधा दी जाती है, बल्कि ईसीजी, एचआईवी, डेंगू, मलेरिया समेत 21 से अधिक पैथोलॉजिकल जांच भी मुफ्त में की जाती है।
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