फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi district magistrate meet protester students at midnight in BHU

बीएचयूः धरना दे रहे छात्रों को देर रात डीएम ने मनाया, कहा- बाहरी लोगों पर होगी कार्रवाई 

Wed, 26 Sep 2018 10:27 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 26 Sep 2018 10:27 AM IST
विज्ञापन
Varanasi district magistrate meet protester students at midnight in BHU
छात्रों से बात करते डीएम - फोटो : amar ujala
बीएचयू में हॉस्टल खाली कराने के फैसले के विरोध में एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर धरने पर बैठे छात्रों को मनाने की कोशिश रात एक बजे तक चली। डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी रात एक बजे के बाद तक छात्रों से वार्ता करते रहे।
विज्ञापन


हालांकि डीएम ने दावा किया कि छात्र मान गए हैं, मगर उनके जाने के बाद भी छात्र धरने पर बैठे रहे। एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर शाम चार बजे छात्रों का धरना शुरू हुआ। इनमें अधिकतर कला संकाय के छात्र थे, जो हॉस्टल न खाली करने पर अड़े थे।
विज्ञापन


डीएम ने वार्ता के दौरान छात्रों को समझाया कि छात्रों को दिक्कत नहीं आएगी लेकिन बाहरी लोगों पर कार्रवाई होगी। डीएम ने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्रों के प्रतिनिधि मंडल और कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के बीच बात कराएंगे। छात्रों के बतौर अभिभावक वो उनके सुख दुख में साथ खड़े रहेंगे। छात्र नेता विकास ने कहा कि हम लोगों ने डीएम से मांग की थी कि छात्रों से हॉस्टल खाली न कराया जाए। अवांछनीय तत्वों पर कार्रवाई करें। पठन पाठन सुचारू रूप से चालू कराएं।

बता दें कि ऐसा नहीं है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पहली बार हॉस्टल खाली कराया जा रहा है। चार साल पहले भी इसी तरह की घटना के बाद हॉस्टल खाली कराए गए थे। इस बीच मंगलवार को भी कई छात्र खुद भी हॉस्टल खाली कर घर जाने लगे।

विश्वविद्यालय में नवंबर 2014 में बिड़ला समेत तीन हॉस्टलों को खाली कराने की अनुमति विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिला, पुलिस प्रशासन को दी थी, उस समय कुछ छात्र तो पहले ही हॉस्टल खाली कर चले गए थे, लेकिन जो बचे थे उन्हें पुलिस ने एक-एक कर सभी हॉस्टल खाली करा दिए थे।

अब मंगलवार को कुलसचिव की ओर से भी बिड़ला, धनवंतरि, रुइया मेडिकल समेत पांच छात्रावासों को खाली करने का आदेश जारी हुआ है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी छात्रों को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया है। 

बार-बार माहौल खराब करते हैं चुनिंदा छात्र

Varanasi district magistrate meet protester students at midnight in BHU
धरने पर बैठे छात्र - फोटो : amar ujala
बीएचयू में उपद्रवी छात्रों और उनके बाहरी दोस्तों के हौसले बुलंद होने की एक अहम वजह शासन के दिशानिर्देश हैं। दरअसल, बीएचयू देश-दुनिया के छात्रों का बड़ा केंद्र होने के साथ ही प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में स्थित है। इस वजह से सरकार छात्रों से सख्ती से पेश आकर विपक्षी दलों को बैठे-बैठाए मुद्दा नहीं देना चाहती है।

यही कारण है कि पुलिस को भी निर्देश है कि छात्रों का मामला विश्वविद्यालय प्रशासन को ही देखने दें। इसके चलते उपद्रवी बार-बार परिसर का माहौल बिगाड़ने में कामयाब हो जाते हैं। सितंबर में अब तक पांच बार बीएचयू का माहौल बिगड़ चुका है।

दो सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के दौरान राजाराम हॉस्टल के छात्र की पिटाई अराजकतत्वों ने की और किसी तरह से माहौल सामान्य हुआ। इसके बाद 12 सितंबर को नाश्ता करने के विवाद में अय्यर हॉस्टल में घुसकर मारपीट की गई और 33 बाइक सहित अन्य कई सामान क्षतिग्रस्त कर दिए गए।

23 सितंबर को छात्रों के दो गुट के बीच एमएमवी गेट पर मारपीट हुई। इसी दिन कृषि विज्ञान संस्थान के समीप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले एक बाहरी छात्र को घेर कर आठ-दस छात्रों ने मारापीटा। इन प्रकरणों की जांच पूरी नहीं हुई थी कि सोमवार की रात परिसर का माहौल फिर हिंसक हो उठा।

विवादों पर गौर किया जाए तो बार-बार कुछ चुनिंदा छात्रों, निष्काषित छात्रों और उनके दोस्तों का ही नाम सामने आता है। विश्वविद्यालय प्रशासन इन चुनिंदा छात्रों को लेकर सख्ती बरतते नहीं दिखता और पुलिस छात्र समझ कर नरमी दिखाती रहती है।

एसएसपी आनंद कुलकर्णी का कहना है कि छात्रों के मसले में पुलिस का बार-बार हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। आखिर वो छात्र हैं और भविष्य बनाने के लिए यहां आए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की गई है कि हॉस्टल के वार्डेन के माध्यम से सकारात्मक माहौल बनाएं।

मेन गेट बंद करने से भड़का विवाद

Varanasi district magistrate meet protester students at midnight in BHU
बीएचयू में उपद्रव के दौरान की गई आगजनी - फोटो : amar ujala
बीएचयू में सोमवार को जो विवाद बढ़ा, उसकी एक वजह मेन गेट बंद करना भी बताया जा रहा है। एक जूनियर डॉक्टर को लंका थाने में बैठा लेने के विरुद्ध रात बारह बजे उनके साथियों ने बीएचयू आकर मेन गेट बंद कर दिया।

बाहर खड़े कुछ अन्य छात्रों ने गेट खोलने को कहा और नोकझोंक शुरू हो गई। किसी तरह गेट खुला तो मेडिकल और कला संकाय के छात्र आमने-सामने हो गए। इसके बाद तो पूरी रात दोनों तरफ से पत्थर चलने लगे, पेट्रोल बम तक फेंके गए। यह घटनाक्रम सुबह तक चला।

सोमवार रात जब बीएचयू में पथराव, मारपीट और आगजनी हो रही थी, पुलिस गेट के बाहर खड़ी थी। पुलिस के आला अधिकारी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परिसर में प्रवेश करने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे। करीब आधे घंटे बाद चीफ प्रॉक्टर की ओर से पुलिस को प्रवेश की अनुमति दी गई। सुबह चार बजे तक पुलिस और पीएसी के करीब एक हजार जवान बीएचयू परिसर में पहुंच चुके थे।

रात को जब बीएचयू में बवाल हो रहा था तो विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी घटनास्थल पर नहीं दिखे। छात्र बावाल कर रहे थे। एटीएम तोड़ रहे थे। आगजनी और पथराव कर रहे थे मगर विश्वविद्यालय के 900 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी स्थिति को संभालने की कोशिश करते नहीं दिखे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed