वाराणसी जिला अस्पताल: डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ ने CMS के खिलाफ खोला मोर्चा, इस्तीफा देने की चेतावनी
Varanasi News : जिला अस्पताल के 73 डॉक्टर, स्टाफ ने सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी है। कहा है कि यहां के सीएमएस को तीन दिन में हटाएं। जिलाधिकारी, अपर निदेशक, सीएमओ से शिकायत, अनियमित ड्यूटी लगाने और मनमानी का आरोप लगाया है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव ने भी डॉक्टरों-पैरामेडिकल स्टाफ की मांग का समर्थन किया है।
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दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के 73 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने मंगलवार को सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी। साथ ही जिलाधिकारी, अपर निदेशक और सीएमओ को पत्र भेज कर कहा कि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह को तीन दिन में हटाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो सामूहिक इस्तीफा दिया जाएगा। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक पर अनियमित ड्यूटी लगाने और मनमानी का आरोप लगाया।
30 डॉक्टर और 43 पैरामेडिकल स्टाफ ने चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव डॉ. आरएन सिंह ने भी मांग का समर्थन किया और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ का कहना है कि अनियमित तरीके ड्यूटी लगाई जा रही है। 24 घंटे अस्पताल में रहना पड़ रहा है। कागज पर सभी विभाग का नोडल डॉक्टरों को बनाया गया है, लेकिन वास्तव में नोडल अधिकारी का काम चिकित्सा अधीक्षक ही कर रहे हैं।
जब गड़बड़ी होती है तो संबंधित डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया जाता है। मरीजों और उनके परिजनों के सामने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया जाता है। नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी में डॉक्टर नहीं हैं, फिर भी मरीजों को भर्ती करने का दबाव बनाया जाता है। अगर किसी मरीज के साथ अनहोनी हुई तो जिम्मेदारी तय करने की धमकी दी जाती है।
सेवाओं के मामले में अस्पताल पहले टॉप पर रहता था। अब 32वें स्थान पर आ गया है। अगर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अनशन के लिए बाध्य होंगे। सामूहिक इस्तीफा देने की धमकी देने वालों में डॉ. पीके सिंह, डॉ. एमके यादव, डॉ. शिवेश जायसवाल, डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. केजे पांडेय, डॉ. बृजेंद्र, डॉ. आरएल यादव भी शामिल हैं।
बोले अधिकारी
जिन लोगों ने शिकायत की है, उन्हें पहले समस्या बतानी चाहिए। कोई नहीं आया है। पत्र में जिन लोगों के हस्ताक्षर हैं, उनमें से एआरटी सेंटर से जुड़े लोगों से बात की गई है। उन लोगों ने डॉ. पीके सिंह पर एक कागज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों से भी हस्ताक्षर कराए गए हैं। पिछले दिनों ओपीडी में कुछ लोगों को बाहर की दवा लिखते पकड़ा गया था। इसलिए लोग आवाज उठा रहे हैं। लगता है कुछ लोग दुखी हैं, उनसे बातचीत की जाएगी। - डॉ दिग्विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक