वाराणसी जिला अस्पताल: पांच महीने में 100 एचआईवी पॉजिटिव, इनमें सबसे ज्यादा ड्रग्स लेने वाले युवा
Varanasi News: वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पांच महीनों में कुल 100 एचआईवी संक्रमित मरीज पहुंचे हैं। इनमें सबसे ज्यादा ड्रग्स लेने वाले युवा शामिल हैं।
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एआरटी सेंटर के काउंसलर डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि इनमें तकरीबन 20 मरीज ऐसे हैं, जो इंजेक्शन से ड्रग्स लेते थे। केवल जुलाई और अगस्त में 44 एचआईवी पॉजिटिव निकले जबकि अप्रैल से जून तक में 56 मरीजों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
जुलाई में 1500 लोगों की एचआईवी की जांच हुई। इसमें 25 लोग संक्रमित मिले। अगस्त में 1200 लोगों की एचआईवी जांच में 19 लोग संक्रमित पाए गए। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों में युवाओं की संख्या अधिक है। इनमें से अधिकतर कॉलेज या यूनिर्वसिटी के छात्र हैं। इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध, टैटू बनवाने से या किसी संक्रमित के संपर्क में आने से लोग एचआईवी पॉजिटिव हुए हैं। इसके प्रति जागरूकता ही इसका समाधान है।
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पूरी तरह ठीक नहीं हो पाते एचआईवी के मरीज
डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि एचआईवी संक्रमित मरीजों को पूर्ण रूप से ठीक नहीं किया जा सकता है। दवा से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। संक्रमित व्यक्तियों को भोजन में हरी सब्जी खाने की सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को किसी को रक्तदान नहीं करना चाहिए।
नशे की लत बन रही संक्रमण की वजह
दीनदयाल अस्पताल के ओएसडी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर प्रशांत वैभव के अनुसार युवाओं में नशे की लत बढ़ने का कारण सिरिंज से ड्रग्स का सेवन करना है। इससे हर वर्ग के लोग एचआईवी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। बचाव के लिए केवल जागरूकता ही एकमात्र विकल्प है।
क्या बोले अधिकारी
ओपीडी में आने वाले ऐसे मरीज जिनकी बीमारी लंबे समय तक ठीक नहीं होती है, उन्हें डॉक्टर एचआईवी की जांच लिखते हैं। एआरटी सेंटर में एचआईवी जांच के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जांच रिजल्ट पॉजिटिव आने पर लोगों की काउंसिलिंग करके उन्हें नियमित रूप से दवा के सेवन की सलाह दी जाती है। -डॉ. प्रेम प्रकाश, एमएस, दीनदयाल अस्पताल