Varanasi: गंगा दशहरा पर तट पर उतरा देवलोक, उतारी गई मां गंगा की महाआरती, लगा 56 भोग
मंगलवार की शाम को एक तरफ श्रद्धालु मां गंगा में पुण्य की डुबकी लगा रहे थे, वहीं दूसरी ओर आरती की तैयारियां चल रही थी। जैसे ही देवी सुरेश्वरी भगवती गंगे...की धुन शुरू हुई श्रद्धालु भी मगन होकर झूम उठे। लोबान, कपूर और गुगुल की सुवास के बीच अर्चक मां गंगा की आरती उतार रहे थे वहीं दूसरी ओर रिद्धि सिद्धि स्वरूपा कन्याएं चंवर डुला रही थीं।
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पृथ्वी पर पुण्य सलिला, सुरसरि, देवसरिता मां गंगा के अवतरण पर काशी के गंगा तट पर गंगा दशहरा के मौके पर साक्षात देवलोक उतर आया। मां भगवती की महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ ऐसी उमड़ी कि दशाश्वमेध घाट पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची।
मंगलवार की शाम को एक तरफ श्रद्धालु मां गंगा में पुण्य की डुबकी लगा रहे थे, वहीं दूसरी ओर आरती की तैयारियां चल रही थी। जैसे ही देवी सुरेश्वरी भगवती गंगे...की धुन शुरू हुई श्रद्धालु भी मगन होकर झूम उठे। लोबान, कपूर और गुगुल की सुवास के बीच अर्चक मां गंगा की आरती उतार रहे थे वहीं दूसरी ओर रिद्धि सिद्धि स्वरूपा कन्याएं चंवर डुला रही थीं।
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दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति के तत्वधान में मां गंगा का षोडशोपचार पूजन और 51 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक कर भारत के लिए सुख और समृद्धि की कामना की गई । निर्मलीकरण की कामना से मां गंगा की अष्टधातु की प्रतिमा की विशेष फूलों से सजावट हुई। गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं० किशोरी रमण दुबे (बाबू महाराज) के संयोजन में मां गंगा की महा आरती के दौरान सभी ने आत्मनिर्भर भारत की कामना की। पुण्य सलिला मां गंगा के तट पर सर्वप्रथम 11 वैदिक ब्राह्मण द्वारा पं० सीताराम पाठक के आचार्यत्व में मंगलाचरण के पश्चात गंगा की महाआरती की। बतौर मुख्य अतिथि आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्रा'' दयालु, ने भी आरती की। अध्यक्षता महंत अन्नपूर्णा मंदिर शंकर पुरी महाराज ने की। इस दौरान महंत हनुमान मंदिर काशी एवं अयोध्या अवध बिहारी दास, महापौर अशोक तिवारी ने भी महाआरती में हिस्सा लिया।
कलाकारों ने भजनों से किया मां का गुणगान
गंगा की महाआरती के पश्चात दशाश्वमेध घाट पर भक्तजन संगीत की सरिता में सराबोर हो गए । संयोजक कन्हैया दुबे केडी की अगुवाई में रविंद्र सिंह ज्योति, डॉ अमलेश शुक्ला, व्यास मौर्या, स्नेहा अवस्थी एवं अन्य कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति से मां गंगे का गुणगान किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश शुक्ला ने किया। सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई । समिति की ओर से पौराणिक केदार घाट पर पं० संदीप कुमार दुबे के आचार्यत्व में गंगा महाआरती का आयोजन किया गया ।आयोजन में मुख्य रूप से संकठा प्रसाद, मनीष शंकर दुबे, दिनेश सैनी, रामबोध सिंह उपस्थित रहे।
गंगा दशहरा महोत्सव में अविरलता का संकल्प
गंगा सेवा निधि की ओर से गंगाजल निर्मलीकरण जन जागरूकता अभियान के अन्तर्गत भव्य गंगा दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया। देश विदेश से आये श्रद्धालु और पर्यटकों को स्वच्छ गंगा, निर्मल गंगा व अविरल गंगा का संकल्प दिलाकर गंगा दशहरा का शुभारम्भ हुआ। बतौर
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने सेवा निधि के संस्थापक स्व. पं सत्येन्द्र मिश्र के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर मां गंगा को निर्मल बनाने के लिए लोगों से आगे आने का आह्वान किया। इस दौरान महापौर अशोक तिवारी, स्वामी शिवानंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ गंगा की अवतरण पर प्रस्तुती से मैथली ठाकुर, ऋषभ ठाकुर, आयाची ठाकुर एवं उनकी टीम ने किया। उन्होंने हे गंगा भईया तोहे पियरी चढ़इवे, राम-राम रटते रटते, आज मिथला नगरिया निहाल सखी रे, शंकर तेेरी जटा से बहती है गंग धारा...., इत्यादि मधुर गीतों की प्रस्तुत की। संचालन सुकेशी ऋषभ एवं धन्यवाद ज्ञापन सुरजीत कुमार सिंह ने किया।