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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi court sentenced 22 government employees to terms ranging from three to five years for accepting bribe

कोर्ट की सख्ती: 200 रुपये घूस लेकर भरा 25 गुना जुर्माना, चार साल की सजा मिली, 22 सरकारी कर्मचारी दोषी पाए गए

Sat, 12 Sep 2026 01:43 PM IST
Pragati Chand रवि प्रकाश सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
रवि प्रकाश सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 12 Sep 2026 01:43 PM IST
सार

वाराणसी में एक सरकारी कर्मी ने 200 रुपये की घूस ली और 25 गुना यानी पांच हजार रुपये जुर्माना भरा। यहां कोर्ट ने 22 सरकारी मुलाजिमों को चंद रुपये घूस लेने के आरोप में तीन से लेकर पांच साल तक की सजा सुनाई।

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Varanasi court sentenced 22 government employees to terms ranging from three to five years for accepting bribe
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंद रुपये के लालच में घूस लेने के आरोप में 22 सरकारी मुलाजिमों को अदालत ने तीन से लेकर पांच साल तक की सजा सुनाई। एक मामले में सरकारी कर्मी ने 200 रुपये की घूस ली और 25 गुना यानी पांच हजार रुपये जुर्माना भरा। साथ ही पांच साल की सजा भी मिली।

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अमीन से लेकर दलाल, बाबू से हवलदार और दरोगा से लेखपाल तक शामिल रहे। किसी ने काम कराने के एवज में पैसे मांगे तो कोई विवेचना और प्राथमिकी में नाम हटवाने के लिए मांग रहा था। अदालत इन मामलों में पांच साल के अंदर सजा दी। अदालत में तमाम दलील देने के बाद भी आरोपी खुद को निर्दोष साबित नहीं कर सके। रिश्वत और अपराध के हिसाब से अदालत ने किसी को दो तो किसी को पांच साल तक की सजा दी। कुछ मामले ऐसे में भी रहे जिसमें रिश्वत की रकम छोटी रही लेकिन अपराध के लिहाज से जुर्माना 10 गुना रहा। 
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एंटी करप्शन, सीबीआई और विजिलेंस की टीम ने हर दूसरे महीने रिश्वत लेते सरकारी मुलाजिमों को रंगेहाथ पकड़ा। कुछ महिला समेत बड़े विभाग के कर्मचारी शामिल रहे। हालिया मामला 15 जुलाई का है। जीएसटी उपायुक्त अंबिका को एंटी करप्शन की टीम ने 50 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया था। 19 जून को उद्योग विभाग का सहायक प्रबंधक श्रीपाल को विजिलेंस की टीम ने पांच हजार रुपये पकड़ा था। 
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23 जुलाई में नितेश अग्रवाल सीनियर डीएमएम को सीबीआई की एंटी करप्शन की टीम ने बरेका आवास से गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक लाख 70 हजार रुपये मांगे थे। इसी तरह 12 मामलों में टीम ने अलग-अलग विभागों से गिरफ्तारी की और मामला जांच के साथ ही कोर्ट में है।  

हाल के मामले

  • विनोद कुमार श्रीवास्तव पर दो हजार रुपये, महेश सिंह पर पांच हजार रुपये और श्यामनाथ राम पर 1,500 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में मुकदमा चला। अदालत ने दो साल से लेकर पांच साल की सजा दी। 25 से 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
  • गोपाल कृष्ण यादव के मामले में रिश्वत की रकम महज 200 रुपये थी। अभियोजन के साक्ष्य से आरोप साबित होने पर अदालत ने चार साल की सजा सुनाई, साथ पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
  • राजेश कुमार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराया गया। पांच साल की कैद के साथ एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया।
  • एआरटीओ स्टेनो ने जुर्माने की रसीद पर हस्ताक्षर करवाने के नाम पर 500 रुपये मांगे थे। शिकायत पर एंटी करप्शन ने हाससी को रंगेहाथ पकड़ा था, तीन साल की सजा हुइ।
  • 15 साल पुराने मामले में एडीओ को तीन साल की सजा हुई। चार हजार की रिश्वत में 20 हजार जुर्माना भरा।
  • अमीन विनोद कुमार श्रीवास्तव को दो हजार रुपये लेते पकड़ा गया। दोषी पाए जाने पर तीन साल की सजा हुई।पांच हजार रुपये की अर्थदंड लगा।
  • रिश्वतखोरी के मामले में बीएचयू के लिपिक को 30 हजार रिश्वत लेते सीबीआई ने पकड़ा था। अदालत ने पांच साल की सजा दी। एक लाख रुपया जुर्माना लगाया।
  • पांच हजार रुपये रिश्वत लेते दरोगा महेश सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने 2019 में पकड़ा था। तीन साल की सजा और पांच हजार जुर्माना लगाया।
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