{"_id":"5eed15138ebc3e432b5abaeb","slug":"varanasi-city-news-vns5311200189","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांग्लादेश और वियतनाम के रेशम पर भी लगे आयात शुल्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांग्लादेश और वियतनाम के रेशम पर भी लगे आयात शुल्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। चीन की चालबाजी को ध्वस्त करने के लिए सरकार को कड़ा कदम उठाने की जरूरत है। व्यापारियों के अनुसार चीन से आने वाले रेशम, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, मोटर पार्ट्स का बहिष्कार हर हाल में जरूरी है। बनारसी वस्त्रों में इस्तेमाल होने वाले चीन रेशम के विकल्प में कारोबारियों ने वियतनाम के रेशम और बांग्लादेश से कपड़े पर जोर दिया है।
व्यापारियों के अनुसार इन दोनों देश से आने वाले माल पर सरकार ने कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगाई है। जबकि चीन से आने वाले रेशम पर 10 प्रतिशत औेर कपडे़ पर 20 प्रतिशत की कस्टम ड्यूटी लगाई गई है। चीन इस खेल में है कि वियतनाम व बांग्लादेश के सहारे इंडिया को माल भेज सके। लद्दाख के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत-चीन के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद उपजे तनाव को देखते हुए चीन वियतनाम व बांग्लादेश में अपना निवेश बढ़ा रहा है। इन देशों में चीन ने कई कंपनियों को टेक ओवर कर लिया है।
ऐसे में इन देशों से आने वाले माल पर केंद्र सरकार को ड्यूटी बढ़ा देनी चाहिए। अभी तक वियतनाम व बांग्लादेश से आने वाले माल पर कस्टम ड्यूटी जीरो परसेंट है। बनारसी साड़ी, दुपट्टा अन्य कपड़ों में चीन का रेशम प्रयोग किया जाता है। चीन आयातित रेशम लगभग पहले सात हजार टन था जो बाद में घटकर 3 हजार सालाना टन पर आ गया, लेकिन अब एकदम से चीन से माल आयात होना बंद हो गया है। मुंबई बंदरगाह पर हजारों टन माल पड़ा है। अब व्यापारियों ने भी तय कर लिया है कि चीनी उत्पाद का इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन सरकार का यहां पर उस तरह की सुविधाएं भी दे।
विज्ञापन
विज्ञापन
व्यापारियों के अनुसार इन दोनों देश से आने वाले माल पर सरकार ने कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगाई है। जबकि चीन से आने वाले रेशम पर 10 प्रतिशत औेर कपडे़ पर 20 प्रतिशत की कस्टम ड्यूटी लगाई गई है। चीन इस खेल में है कि वियतनाम व बांग्लादेश के सहारे इंडिया को माल भेज सके। लद्दाख के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत-चीन के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद उपजे तनाव को देखते हुए चीन वियतनाम व बांग्लादेश में अपना निवेश बढ़ा रहा है। इन देशों में चीन ने कई कंपनियों को टेक ओवर कर लिया है।
विज्ञापन
ऐसे में इन देशों से आने वाले माल पर केंद्र सरकार को ड्यूटी बढ़ा देनी चाहिए। अभी तक वियतनाम व बांग्लादेश से आने वाले माल पर कस्टम ड्यूटी जीरो परसेंट है। बनारसी साड़ी, दुपट्टा अन्य कपड़ों में चीन का रेशम प्रयोग किया जाता है। चीन आयातित रेशम लगभग पहले सात हजार टन था जो बाद में घटकर 3 हजार सालाना टन पर आ गया, लेकिन अब एकदम से चीन से माल आयात होना बंद हो गया है। मुंबई बंदरगाह पर हजारों टन माल पड़ा है। अब व्यापारियों ने भी तय कर लिया है कि चीनी उत्पाद का इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन सरकार का यहां पर उस तरह की सुविधाएं भी दे।
विज्ञापन