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बीएचयू ट्रामा सेंटर में पहले 24 घंटे मुफ्त इलाज
टीम डिजिटल, वाराणसी
Updated Sat, 07 Jan 2017 08:38 PM IST
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
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अगले वित्तीय वर्ष में बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल का बजट बढ़ने के साथ ही अस्पताल में सुविधाएं भी बढ़ने जा रही है। बीपीएल कार्ड धारक मरीजों को मुफ्त जांच और दवाओं की सहूलियत दी जाएगी तो बीएचयू ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों का पहले 24 घंटे का इलाज मुफ्त होगा।
इसके अलावा अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना शुरू करने की भी कवायद की जा रही है। इसी के तहत गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये देने की योजना को भी लागू किया जाएगा। मरीजों को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हों, इसकी भी योजना बनाई जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अस्पताल का बजट बढ़ाने के लिए प्रस्ताव को पिछले दिनों पीएमओ की मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से अब बीएचयू अस्पताल के प्रति बेड का बजट एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दिया गया है।
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बजट बढ़ने के साथ ही अब अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष से अस्पताल को ये बजट मिलने लगेगा। आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला और एमएस डॉ. केपी उपाध्याय के अनुसार ट्रामा सेंटर में आकस्मिक स्थिति में मरीज आते हैं।
इस लिहाज से तय किया गया है कि यहां आने वाले मरीजों का पहले 24 घंटे मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाए। एमआरआई, एक्स-रे जैसी जांच के लेकर दवाएं उन्हें मुफ्त मुहैया कराई जाएं।
उधर इसी बजट में ही बीएचयू अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना को भी शुरू करने की कवायद की जा रही है। इसमें कुछ जांचें और दवाएं मरीज को मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज भी दिया गया है। इस योजना के शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री द्वारा घोषित गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये की योजना को भी लागू किया जाएगा। कोशिश ये भी की जा रही है शताब्दी सुपरस्पेशिएलिटी सेंटर में ही एक अलग से मैटरनिटी विंग शुरू की जाए।
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इसके अलावा अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना शुरू करने की भी कवायद की जा रही है। इसी के तहत गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये देने की योजना को भी लागू किया जाएगा। मरीजों को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हों, इसकी भी योजना बनाई जा रही है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अस्पताल का बजट बढ़ाने के लिए प्रस्ताव को पिछले दिनों पीएमओ की मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से अब बीएचयू अस्पताल के प्रति बेड का बजट एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दिया गया है।
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बजट बढ़ने के साथ ही अब अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष से अस्पताल को ये बजट मिलने लगेगा। आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला और एमएस डॉ. केपी उपाध्याय के अनुसार ट्रामा सेंटर में आकस्मिक स्थिति में मरीज आते हैं।
इस लिहाज से तय किया गया है कि यहां आने वाले मरीजों का पहले 24 घंटे मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाए। एमआरआई, एक्स-रे जैसी जांच के लेकर दवाएं उन्हें मुफ्त मुहैया कराई जाएं।
उधर इसी बजट में ही बीएचयू अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना को भी शुरू करने की कवायद की जा रही है। इसमें कुछ जांचें और दवाएं मरीज को मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज भी दिया गया है। इस योजना के शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री द्वारा घोषित गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये की योजना को भी लागू किया जाएगा। कोशिश ये भी की जा रही है शताब्दी सुपरस्पेशिएलिटी सेंटर में ही एक अलग से मैटरनिटी विंग शुरू की जाए।