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पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की बीमारी से मरीज परेशान, जांच के आदेश

Tue, 10 Jan 2017 01:33 PM IST
टीम डिजिटल, वाराणसी
टीम डिजिटल, वाराणसी Updated Tue, 10 Jan 2017 01:33 PM IST
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Varanasi BHU Former minister Rakeshdhar illness upset the patient, inquiry
बीएचयू अस्पताल के वीवीआईपी वार्ड में पूर्व मंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी।

 बीएचयू अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की परेशानी का सबब बन गए पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के मामले की जांच होगी और उन्हें मूल स्वरुप में जेल वापस ले जाया जाएगा। जिलाधिकारी योगेश्वर राम  मिश्रा ने अमर उजाला आज यह खबर छपने के बाद यह आदेश दिया।

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उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री को फिर से जेल भेजा जाएगा । इस मामले की जांच जेल अधीक्षक करेंगे। राकेशधर त्रिपाठी बसपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं। यूं तो वह आय से अधिक संपत्ति के मामले में जिला जेल में बंद हैं पर बीमारी के कारण आजकल बीएचयू के संर सुंदरलाल अस्पताल के वीवीआईपी वार्ड में इलाज करा रहे हैं।

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चूंकि चुनाव का मौसम है, इसलिए यहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है। नई-नई रणनीति पर चर्चा होती है। मोबाइल का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके चलते यहां भर्ती मरीजों की देखभाल में खलल पड़ रहा है।
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हालांकि पूर्व मंत्री को बतौर मरीज एक ही कमरा आवंटित है पर उनके कमरे के सामने बरामदे में बकायदा गद्दे बिछाए गए हैं। इन गद्दों पर निगरानी के लिए लगे तीन पुलिसकर्मियों के अलावा पूर्व मंत्री से मिलने केे लिए आने वाले कई लोग जमे रहते हैं।

यहां से सिफारिशें करवाई जाती हैं। वजह, जेल में जैमर लगने के कारण वहां मोबाइल पर बातचीत नहीं हो सकती है। कुल मिलाकर यहां का माहौल दरबार जैसा लगता है। 14 नवंबर को जेल भेजे जाने के बाद दिसंबर में वह करीब पंद्रह दिन इसी वार्ड में भर्ती रहे थे।
 

अमरमणि और उदयभान सिंह का ठिकाना था बीएचयू

Varanasi BHU Former minister Rakeshdhar illness upset the patient, inquiry
राकेशधर त्रिपाठी - फोटो : Self

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 दिसंबर के आगमन के एक-दो दिन पूर्व दबाव डालकर कमरा खाली कराया गया था। करीब सात दिन पूर्व उन्हें न्यूरो संबंधी बीमारी होने पर बीएचयू रेफर कर दिया गया। न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. अभिषेक पाठक की निगरानी में उन्हें स्पेशल वार्ड दो-डी में रखा गया है।

पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री त्रिपाठी के खिलाफ 18 जून, 2013 को इलाहाबाद के मुट्ठीगंज थाने में आय से अधिक संपत्ति मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच सतर्कता विभाग कर रहा था।

आरोप था कि मई 2007 से दिसंबर 2011 तक कुल अर्जित आय 4582215 रुपये थी जबकि एक करोड़ 81 लाख 20 हजार व्यय किया गया जो अर्जित आय से 295 फीसदी अधिक थी।

मामले में एक करोड़ 35 लाख 38 हजार का भ्रष्टाचार पाते हुए 14 मार्च, 2016 को अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था। हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद 14 नवंबर से वह जिला जेल में हैं।

त्रिपाठी को पेरीफेरल नामक बीमारी है। हाथ और पैर की नस सूखने से यह बीमारी होती है। विटामिन की कमी, डायबिटीज, ज्यादा शराब पीने ओर विषैले रसायन से भी यह बीमारी होती है।

मधुमिता हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी चार साल पूर्व करीब दो महीने तक बीएचयू के अस्पताल में भर्ती रहे थे। उदयभान सिंह भी वाराणसी में पेशी पर आने के बाद अक्सर यहीं भर्ती होते रहे हैं।

 

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