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अपना दल में समझौते के लिए बढ़ रहा दबाव
टीम डिजिटल, वाराणसी
Updated Fri, 13 Jan 2017 03:09 PM IST
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कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंची अनुप्रिया पटेल
- फोटो : अमर उजाला
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सूबे की सियासत में पल-पल बदलते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए अपना दल के अनुप्रिया गुट पर कृष्णा गुट से समझौते का दबाव बढ़ रहा है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल से उनकी मां कृष्णा पटेल से समझौते के लिए कहा है।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि मां-बेटी दोबारा मिल गईं तो चुनाव में इसका फायदा मिलेगा। हालांकि सुलह-समझौते के मसले पर दोनों गुटों के आला नेता फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की आठ में से तीन सीटों पर अपना दल दूसरे नंबर पर रहा है। मां-बेटी में बढ़ी दूरी के बाद अबकी अनुप्रिया गुट भाजपा के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रहा है जबकि कृष्णा गुट फिलहाल अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतरा तो है।
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हालांकि कृष्णा गुट के सपा के साथ गठबंधन की चर्चा तेज है। उधर, भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि दोनों गुटों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से अपना दल को नुकसान तो होगा ही, गठबंधन का जो फायदा भाजपा को मिलना चाहिए, वह भी नहीं मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक अपना दल के दोनों धड़ों के नेता भी चाहते हैं कि चुनाव में पुरानी खटास दूर हो जाए और दोनों गुट मिलकर चुनाव लड़ें।
अंदरखाने चर्चा यह भी है कि अगर दोनों गुटों में समझौता नहीं हुआ तो सीटों की लड़ाई को देखते हुए हो सकता है कि भाजपा अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दोनों गुटों से अलग-अलग समझौता कर ले।
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भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि मां-बेटी दोबारा मिल गईं तो चुनाव में इसका फायदा मिलेगा। हालांकि सुलह-समझौते के मसले पर दोनों गुटों के आला नेता फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की आठ में से तीन सीटों पर अपना दल दूसरे नंबर पर रहा है। मां-बेटी में बढ़ी दूरी के बाद अबकी अनुप्रिया गुट भाजपा के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रहा है जबकि कृष्णा गुट फिलहाल अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतरा तो है।
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हालांकि कृष्णा गुट के सपा के साथ गठबंधन की चर्चा तेज है। उधर, भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि दोनों गुटों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से अपना दल को नुकसान तो होगा ही, गठबंधन का जो फायदा भाजपा को मिलना चाहिए, वह भी नहीं मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक अपना दल के दोनों धड़ों के नेता भी चाहते हैं कि चुनाव में पुरानी खटास दूर हो जाए और दोनों गुट मिलकर चुनाव लड़ें।
अंदरखाने चर्चा यह भी है कि अगर दोनों गुटों में समझौता नहीं हुआ तो सीटों की लड़ाई को देखते हुए हो सकता है कि भाजपा अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दोनों गुटों से अलग-अलग समझौता कर ले।
पदयात्रा के जरिए जन समर्थन जुटाएगा अपना दल कृष्णा गुट
कृष्णा पटेल
अपना दल (कृष्णा गुट) जनता के बुनियादी सुविधाओं, उनके सवालों को केंद्र में रखकर चुनावी समर फतह करने की तैयारी कर रहा है। चुनाव प्रचार अभियान इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
पार्टी खासतौर पर वाराणसी में एम्स, किसानों की बदहाली पर सरकार की वादाखिलाफी के मुद्दे पर जन समर्थन जुटाएगी। इसके लिए गांव-गांव पदयात्रा निकालकर अंतिम आदमी तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है।
यह तय हुआ गुरुवार को रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के अपना दल (कृष्णा गुट) के कार्यकर्ताओं की मोड़ैला स्थित त्रिभुवन लॉन में हुई बैठक में। इसी क्रम में 29 जनवरी को कोरौता के रामलीला मैदान में वृहद कार्यकर्ता सम्मेलन किया जाएगा।
मुख्य अतिथि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल और मुख्य वक्ता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल होंगी। प्रदेश महासचिव राधेश्याम पटेल ने कहा कि ग्रामीण इलाके की पांचों विधानसभा सीटों पर अपना दल का मजबूत जनाधार है।
2012 के विधानसभा चुनाव में रोहनिया में बड़ी सफलता के साथ सेवापुरी और पिंडरा में दल उपविजेता रहा। शिवपुर और अजगरा में भी पार्टी ने अन्य राष्ट्रीय दलों जैसे भाजपा आदि से अधिक मत प्राप्त किए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस बार सूबे की सरकार गठन में पार्टी की निर्णायक भूमिका होगी। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष दुर्गा वर्मा और संचालन शमशेर बहादुर सिंह ने किया।
पार्टी खासतौर पर वाराणसी में एम्स, किसानों की बदहाली पर सरकार की वादाखिलाफी के मुद्दे पर जन समर्थन जुटाएगी। इसके लिए गांव-गांव पदयात्रा निकालकर अंतिम आदमी तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है।
यह तय हुआ गुरुवार को रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के अपना दल (कृष्णा गुट) के कार्यकर्ताओं की मोड़ैला स्थित त्रिभुवन लॉन में हुई बैठक में। इसी क्रम में 29 जनवरी को कोरौता के रामलीला मैदान में वृहद कार्यकर्ता सम्मेलन किया जाएगा।
मुख्य अतिथि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल और मुख्य वक्ता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल होंगी। प्रदेश महासचिव राधेश्याम पटेल ने कहा कि ग्रामीण इलाके की पांचों विधानसभा सीटों पर अपना दल का मजबूत जनाधार है।
2012 के विधानसभा चुनाव में रोहनिया में बड़ी सफलता के साथ सेवापुरी और पिंडरा में दल उपविजेता रहा। शिवपुर और अजगरा में भी पार्टी ने अन्य राष्ट्रीय दलों जैसे भाजपा आदि से अधिक मत प्राप्त किए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस बार सूबे की सरकार गठन में पार्टी की निर्णायक भूमिका होगी। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष दुर्गा वर्मा और संचालन शमशेर बहादुर सिंह ने किया।