Varanasi Airport: ग्रेड 4 से 5 में अपग्रेड होगा वाराणसी एयरपोर्ट का रनवे, फरवरी से काम; लाइटें भी बदली जाएंगी
Varanasi News: कैट-3 प्रणाली लागू होने के बाद घने कोहरे जैसी खराब दृश्यता में भी विमान वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतर सकेंगे, जिससे सर्दियों के मौसम में उड़ान संचालन पर पड़ने वाला असर काफी हद तक कम हो जाएगा।
विस्तार
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विस्तारीकरण का कार्य किया जा रहा है। साल 2026 के दिसंबर तक इसके तहत कराए जा रहे सभी कार्यों को पूरा किया जाना है। इसी क्रम में फरवरी माह से पुराने रनवे के एक्सटेंशन और अपग्रेडेशन का कार्य शुरू किया जाएगा।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में वाराणसी एयरपोर्ट का रनवे ग्रेड-4 स्तर का है, जिसे ग्रेड-5 में अपग्रेड किया जाएगा। इसकी लंबाई अभी 2745 मीटर है। अपग्रेडेशन के बाद इसकी लंबाई बढ़कर 4075 मीटर हो जाएगी। इसके बाद यहां बड़े विमानों की लैंडिंग और पार्किंग अधिक सुगमता से हो सकेगी।
रनवे एक्सटेंशन के साथ ही एयरपोर्ट पर कैट-3 इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधुनिक लाइटिंग सिस्टम, नेविगेशन उपकरण और अन्य अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना की जाएगी।
एयरपोर्ट की व्यापक विस्तारीकरण योजना के तहत टर्मिनल बिल्डिंग को मल्टी-लेवल बनाया जा रहा है। साथ ही पार्किंग क्षमता बढ़ाने, रनवे एक्सटेंशन, एप्रन, टैक्सी-वे और अन्य तकनीकी सिस्टम को आधुनिक स्वरूप देने का कार्य भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुराने रनवे को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, जिससे एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और आधुनिकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
एप्रन और टैक्सी-वे भी उच्च मानकों के अनुसार होंगे सुदृढ़
अधिकारियों के अनुसार ग्रेड-5 स्तर पर अपग्रेड होने के बाद रनवे के साथ-साथ एप्रन और टैक्सी-वे को भी उच्च मानकों के अनुसार सुदृढ़ किया जाएगा। इससे बड़े विमानों के उतरने के बाद उनकी पार्किंग और मूवमेंट आसानी से संभव हो सकेगी।
क्या है रनवे ग्रेड-4
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में वाराणसी एयरपोर्ट का रनवे ग्रेड-4 स्तर का है। रनवे ग्रेड-4 का अर्थ है कि यह मध्यम श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होता है। इस ग्रेड में रनवे की मजबूती पर्याप्त होती है, लेकिन टैक्सी-वे और एप्रन (विमान पार्किंग क्षेत्र) को उसी स्तर की अधिक भार क्षमता के अनुसार मजबूत करना अनिवार्य नहीं होता। इसी कारण बड़े और भारी विमानों के नियमित संचालन में सीमाएं बनी रहती हैं।
क्या है रनवे ग्रेड-5
रनवे ग्रेड-5 में अपग्रेड होने के बाद रनवे के साथ-साथ टैक्सी-वे और एप्रन को भी उच्च मानकों के अनुसार अधिक मजबूत किया जाता है। इससे बड़े और भारी विमानों की लैंडिंग, मूवमेंट और पार्किंग आसानी से संभव हो सकेगी। ग्रेड-5 रनवे होने पर एयरपोर्ट की कुल परिचालन क्षमता बढ़ जाती है और भविष्य में वाइड-बॉडी विमानों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होता है। इसके साथ ही ग्रेड-5 अपग्रेड के बाद आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, बेहतर लाइटिंग, कैट-3 प्रणाली और अन्य अत्याधुनिक तकनीकें लागू की जाती हैं। इससे घने कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति में भी विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर सकेंगे।
रनवे का ग्रेड-4 से ग्रेड-5 में अपग्रेड होना वाराणसी एयरपोर्ट के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इससे न केवल बड़े विमानों का संचालन संभव होगा, बल्कि सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। - पुनीत गुप्ता, एयरपोर्ट डायरेक्टर