नए साल में वाराणसी एयरपोर्ट को ये उम्मीद, लॉकडाउन में मिले झटके से उबरने की कोशिश
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कोरोना महामारी के बीच हवाई सफर करने वालों के दिन धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुई यात्रियों की आवाजाही की ही बात की जाए, तो कोरोना काल के बाद से यात्रियों का आवागमन में धीरे-धीरे इजाफा हुआ है। यह दिखाता है कि वाराणसी एयरपोर्ट अब सामान्य स्थिति में आने लगा है।
जानकारी के अनुसार, वाराणसी के इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 25 मई से लेकर 25 दिसंबर तक कुल 4350 विमान से 462654 यात्री वाराणसी एयरपोर्ट आए और 4350 विमानों से 493305 यात्रियों ने वाराणसी एयरपोर्ट से अन्य शहरों के लिए उड़ान भरी। इतना ही नहीं, यहां से अब रोज 48 फ्लाइट्स का आवागमन भी होने लगा है।
22 मार्च को लॉकडाउन लगने से पहले रोज लगभग 10 से 12 हजार तक यात्री आवाजाही करते थे। बाद में जब लॉकडाउन लगा तो यह संख्या सिमट कर सैकड़ों में सिमट कर रह गई थी।
मार्च के बाद अप्रैल महीने से 25 मई तक घरेलू उड़ानें पूरी तरह से रद्द होने से ट्रैफिक ग्रोथ जीरो हो गई थी। इसका मतलब यह है कि कोरोना के चलते लोगों ने हवाई सफर नहीं किया। विदेशों से आने वालों की ही फ्लाइट्स हुई। अब यह अच्छी बात है कि आदेश के बाद घरेलू विमानों के शुरू होने पर शुरुआत में एक दिन में लगभग 1 हजार यात्रियों का आवागमन हुआ।
ये विमानन कंपनियां दे रहीं सेवा
वाराणसी एयरपोर्ट पर इस समय इंडिगो की 30 उड़ान, स्पाइसजेट की 14, गो-एयरवेज की 10, एयर इंडिया की 4 और विस्तारा की कुल 4 उड़ान हर दिन वाराणसी एयरपोर्ट से उड़ान भर रही हैं और वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंच रही हैं। वाराणसी से दिल्ली के लिए फ्लाइट्स की संख्या सबसे ज्यादा है।
एयरपोर्ट निदेशक आकाशदीप माथुर ने बताया कि कोविड-19 ने पूरे विश्व के सामने एक गंभीर समस्या लेकर आया था। हालांकि उससे उबरते हुए एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उम्मीद है कि नए साल में यात्रियों और विमानों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।