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अतिक्रमण पर चली जेसीबी, कई अवैध निर्माण ढहाए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:16 PM IST
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अवैध निर्माण गिराती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के मंडुवाडीह-महमूरगंज आरओबी का निर्माण अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही इसके दोनों छोर पर सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू कर दी गई है। रविवार को मंडुवाडीह बाजार में नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया।
दोपहर से देर शाम तक चले अभियान में दो दर्जन से अधिक अवैध निर्माण जेसीबी से जमींदोज कर दिए गए। दर्जनों अस्थाई और कच्चे निर्माण हटाए गए। अतिक्रमण के दायरे में आने वाले दो उपासना स्थलों और पुलिस बूथ पर भी कार्रवाई हुई।
सात घंटे के अभियान से व्यापारियों और दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान दोबारा अतिक्रमण करने पर सीधे एफआईआर कराकर गिरफ्तारी कराए जाने की चेतावनी भी प्रशासनिक दस्ते ने दी। मंडुवाडीह आरओबी को नए साल में जनवरी के अंत तक चालू करा देने की तैयारी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनवरी में प्रस्तावित काशी दौरे में इसका लोकार्पण कराने की तैयारियां चल रही हैं। आरओबी का भी अब फिनिशिंग, फुटपाथ और सर्विस रोड का ही काम बाकी है।
सबसे अधिक दिक्कत मंडुवाडीह बाजार की तरफ जहां से आरओबी शुरू हो रहा है, वहां सड़क पर अतिक्रमण से है। आरओबी पर वाहनों की आवाजाही और जाम की समस्या से बचने के लिए यहां सड़क से अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासनिक दस्ते ने यहां से मंडुवाडीह चौराहे तक व्यापक कार्रवाई की।
अभियान से पहले मंडुवाडीह पुलिस ने चिह्नित अतिक्रमणकारियों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए एनाउंस कराया था। दोपहर करीब 12 बजे दस्ता जब यहां जेसीबी के साथ पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
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दोपहर से देर शाम तक चले अभियान में दो दर्जन से अधिक अवैध निर्माण जेसीबी से जमींदोज कर दिए गए। दर्जनों अस्थाई और कच्चे निर्माण हटाए गए। अतिक्रमण के दायरे में आने वाले दो उपासना स्थलों और पुलिस बूथ पर भी कार्रवाई हुई।
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सात घंटे के अभियान से व्यापारियों और दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान दोबारा अतिक्रमण करने पर सीधे एफआईआर कराकर गिरफ्तारी कराए जाने की चेतावनी भी प्रशासनिक दस्ते ने दी। मंडुवाडीह आरओबी को नए साल में जनवरी के अंत तक चालू करा देने की तैयारी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनवरी में प्रस्तावित काशी दौरे में इसका लोकार्पण कराने की तैयारियां चल रही हैं। आरओबी का भी अब फिनिशिंग, फुटपाथ और सर्विस रोड का ही काम बाकी है।
सबसे अधिक दिक्कत मंडुवाडीह बाजार की तरफ जहां से आरओबी शुरू हो रहा है, वहां सड़क पर अतिक्रमण से है। आरओबी पर वाहनों की आवाजाही और जाम की समस्या से बचने के लिए यहां सड़क से अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासनिक दस्ते ने यहां से मंडुवाडीह चौराहे तक व्यापक कार्रवाई की।
अभियान से पहले मंडुवाडीह पुलिस ने चिह्नित अतिक्रमणकारियों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए एनाउंस कराया था। दोपहर करीब 12 बजे दस्ता जब यहां जेसीबी के साथ पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
15-20 फीट तक कब्जा कर कराया गया निर्माण
अवैध निर्माण पर कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
चौराहे पर आधी सड़क तक लगभग 15-20 फीट तक कब्जा कर निर्माण कराया गया था। जेसीबी से एक-एक कर अवैध निर्माण ढहाए जाने लगे। यह देख कुछ लोग खुद ही अपने अतिक्रमण तोड़ने में जुट गए। कुछ ने मजदूर लगवाकर तोड़वाना शुरू कर दिया और एक दिन की मोहलत मांगी।
आरओबी के ढलान से पहले दोनों ओर पक्के निर्माण ढहाए गए। एक उपासना स्थल के दूसरी जगह स्थापित होने के बाद पुराने स्थल को हटाया गया। पुल के दोनों ओर सर्विस रोड तक कब्जा कर बनाई गईं टिनशेड दुकानें तोड़ी गईं। दूसरी लेन पर भी दुकानें हटाई गईं।
यहीं एक उपासना स्थल से सटी अवैध ढंग से बनाई गईं आठ दुकानें खाली कराकर तोड़ी गईं। चौराहे पर स्थित एक उपासना स्थल को हटाया गया। पुलिस बूथ तोड़ दिया गया। अभियान के दौरान दौरान बिजली काट दी गई थी।
शाम सात बजे तक चले अभियान के बाद रात में मलबा हटाने का काम शुरू कराया गया। इस दौरान एसपी सिटी दिनेश सिंह, एसीएम चतुर्थ सुशील गौंड, सीओ भेलूपुर समेत बड़ी संख्या में पीएसी और पुलिस मुस्तैद थी।
एनईआर के पीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि मंडुवाडीह रेलवे ओवर ब्रिज में रेलवे अपने हिस्से का काम पूरा कर चुका है और इसे सेतु निगम को सौंप दिया गया है। अब बाकी जिम्मेदारी सेतु निगम की है।
आरओबी के ढलान से पहले दोनों ओर पक्के निर्माण ढहाए गए। एक उपासना स्थल के दूसरी जगह स्थापित होने के बाद पुराने स्थल को हटाया गया। पुल के दोनों ओर सर्विस रोड तक कब्जा कर बनाई गईं टिनशेड दुकानें तोड़ी गईं। दूसरी लेन पर भी दुकानें हटाई गईं।
यहीं एक उपासना स्थल से सटी अवैध ढंग से बनाई गईं आठ दुकानें खाली कराकर तोड़ी गईं। चौराहे पर स्थित एक उपासना स्थल को हटाया गया। पुलिस बूथ तोड़ दिया गया। अभियान के दौरान दौरान बिजली काट दी गई थी।
शाम सात बजे तक चले अभियान के बाद रात में मलबा हटाने का काम शुरू कराया गया। इस दौरान एसपी सिटी दिनेश सिंह, एसीएम चतुर्थ सुशील गौंड, सीओ भेलूपुर समेत बड़ी संख्या में पीएसी और पुलिस मुस्तैद थी।
एनईआर के पीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि मंडुवाडीह रेलवे ओवर ब्रिज में रेलवे अपने हिस्से का काम पूरा कर चुका है और इसे सेतु निगम को सौंप दिया गया है। अब बाकी जिम्मेदारी सेतु निगम की है।