Varanasi Accident: भगवानपुर में 28 घंटे बाद धरना समाप्त, पुलिसकर्मियों के खिलाफ होगी जांच
नए वर्ष के पहले दिन सोमवार की दोपहर 12.30 बजे चार पहिया वाहन की चपेट में आने से भगवानपुर निवासी फर्नीचर दुकादार इंदल पटेल की मौत हो गई थी। आरोप है कि चार पहिया सवार युवकों ने इंदल के बेटों के साथ मारपीट भी की। इससे आक्रोशित स्थानीय लोगों के साथ परिजनों ने भगवानपुर-डाफी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था।
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लंका थाना क्षेत्र के भगवानपुर में दुकान में चारपहिया वाहन घुसने से दुकानदार इंदल पटेल (53) की मौत के बाद जारी धरना मंगलवार की शाम 4 बजे खत्म हुआ। सोमवार को करीब एक बजे से शुरू प्रदर्शन 28 घंटे बाद एमएलसी और जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के आश्वासन पर परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने जाम हटाया। एमएलसी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि शासन स्तर से उचित मुआवजा दिलाया जाएगा और पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, लंका पुलिस ने चार पहिया चलने वाले नाबालिग समेत अन्य के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच शुरू कर दी गई है। मौके पर विरोध प्रदर्शन करने वाले सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे अजय फौजी को पुलिस ने अभी हिरासत में रखा है। उसके ऊपर भीड़ को भड़काने और पथराव करने का आरोप है।
नए वर्ष के पहले दिन सोमवार की दोपहर 12.30 बजे चार पहिया वाहन की चपेट में आने से भगवानपुर निवासी फर्नीचर दुकादार इंदल पटेल की मौत हो गई थी। आरोप है कि चार पहिया सवार युवकों ने इंदल के बेटों के साथ मारपीट भी की। इससे आक्रोशित स्थानीय लोगों के साथ परिजनों ने भगवानपुर-डाफी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था। पुलिस ने लाठी पटक लोगों को हटाया, हालांकि दोबारा बड़ी संख्या में आए लोगों ने सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन नहीं माने। मंगलवार की शाम 4 बजे एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने परिजनों को समझा-बुझा चक्काजाम समाप्त कराया।
एडीसीपी चंद्रकांत मीणा ने बताया कि परिजनों को शासन स्तर से मुआवजा दिलवाया जाएगा। पीड़ित परिजनों की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। भगवानपुर के रहने वाले इंदल पटेल की भगवानपुर में ही फर्नीचर की दुकान है।