वाराणसी में 22 बिस्वा जमीन का 38 वर्ष पुराना विवाद सुलझा, वनवासी भी रहेंगे प्रधानमंत्री आवास में
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वाराणसी के सेवापुरी क्षेत्र के परमंदापुर गांव में वनवासियों और यादव बिरादरी के लोगों बीच 38 वर्षों से चल रहा 22 बिस्वा जमीन का विवाद सोमवार को सुलझ गया। इसी के साथ ही वनवासियों के प्रधानमंत्री आवास के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है। वनवासियों ने इसके लिए जंसा थाने की पुलिस, गोराईं स्थित शिवशक्ति अनाथ आश्रम के महंत और यादव बिरादरी के लोगों का आभार जताया है।
जंसा थाना अंतर्गत परमंदापुर गांव में आबादी की जमीन में वनवासी वर्षों से रहते हैं। जमीन पर कब्जे को लेकर यादव बिरादरी के लोगों और वनवासियों के बीच तकरीबन चार दशक से विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार हिंसक झड़प भी हो चुकी है। कई बार राजातालाब उप जिलाधिकारी भी गांव में गए, लेकिन दोनों पक्ष बात मानने को तैयार नही हुए। इस जमीन से जुड़ा विवाद अदालत में भी चल रहा है।
बीते हफ्ते एक बार फिर इसी जमीन विवाद को लेकर मारपीट हुई और मामला एसएसपी कार्यालय तक पहुंचा था। इसे लेकर जंसा थाना प्रभारी सतीश कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को शिवशक्ति अनाथ आश्रम के महंत रंगनाथ दूबे की मौजूदगी में थाने पर पंचायत के लिए बुलाया।
घंटों चली पंचायत के बाद यादव बिरादरी के लोग वनवासियों के लिए जमीन छोड़ने को राजी हो गए। इसके साथ ही यादव बिरादरी के लोगों ने वनवासियों को लिखापढ़ी में आश्वस्त किया कि वह अदालत में चल रहे मामले को भी खत्म करा देंगे। इसे लेकर वनवासियों ने खुशी जताते हुए कहा कि अब वह भी सरकार से मिले पैसे से अपना प्रधानमंत्री आवास बनवाएंगे और यादव बिरादरी के लोगों के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिला कर साथ देंगे।
इस संबंध में जंसा थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि वर्ष 1982 से जारी विवाद को भूल कर दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात मान गए। यह पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आगे भी प्रयास यही किया जाएगा कि जमीन विवाद से जुड़े प्रकरणों को ऐसे ही आम सहमति से निस्तारित कराया जाए।