{"_id":"68b4073f76bfd4e5ca003684","slug":"used-to-sell-ordinary-water-to-patients-for-60-rupees-in-name-of-panacea-hospital-fir-against-operator-2025-08-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Varanasi: पैनेसिया अस्पताल के नाम से 60 रुपये में मरीजों को बेचते थे साधारण पानी, संचालक पर FIR; पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi: पैनेसिया अस्पताल के नाम से 60 रुपये में मरीजों को बेचते थे साधारण पानी, संचालक पर FIR; पूछताछ
Sun, 31 Aug 2025 01:56 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 31 Aug 2025 01:56 PM IST
सार
पैनेसिया अस्पताल में गुरुवार की देर रात ड्रग विभाग और खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारकर दवाइयां भी बरामद की थी। स्थानीय लोगों की नाराजगी देख मामला दर्ज कर लिया गया।
विज्ञापन
पैनेसिया हॉस्पिटल में नकली दवाइयां पकड़ी गईं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Varanasi News: अवैध दवा की फैक्टरी चला रहे कबीरनगर के पैनेसिया अस्पताल के संचालक डॉ. आशुतोष मिश्रा (48) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अस्पताल में दवा के साथ ही साधारण पानी को बोतल में बंद कर अस्पताल के ही नाम से मरीजों को बेचा जाता था।
विज्ञापन
गुरुवार की देर रात अस्पताल और घर में पुलिस, ड्रग विभाग और खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा था। अस्पताल की कैंटीन से 20 पेटी आयुर्वेदिक दवा की खेप पकड़ी गई थी। किडनी और बांझपन संबंधी रोगों से जुड़ीं आयुर्वेदिक दवाएं बनाई जा रही थीं।
विज्ञापन
मरीजों की बढ़ती नाराजगी को देख खोजवां पुलिस चौकी इंचार्ज पीयूष प्रताप सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। बताया गया है कि घर पर बिना लाइसेंस दवाएं बनाई जा रही थीं। भेलूपुर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पुलिस ने की कार्रवाई
संचालक पर आरोप है कि वह अस्पताल और घर दोनों जगह पर अवैध दवाओं की फैक्टरी चलाता था। खोजवां में पति और पत्नी दोनों फैक्टरी चला रहे थे। यहां पर तीन महिलाएं और छह आदमी काम करते थे। यही नहीं से लोग 60 रुपये में पानी की बोतल भी बनाकर बेचते थे।
पांच लोग पहले से ही हिरासत में, दो दिन बाद केस
बृहस्पतिवार की कार्रवाई में अस्पताल से दवाओं को जब्त कर पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। दो दिन तक पुलिस की जांच-पड़ताल चलती रही। मामले के तार आगरा के दवा व्यापार और बनारस की सप्तसागर दवा मंडी से भी जुड़े हैं।