कमरे में मिली यूरोलॉजिस्ट की लाश: तीन महीने से अवसाद में थे, पत्नी से अनबन बनी खुदकुशी की वजह; पहुंची पुलिस
हेरिटेज मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजिस्ट डॉ. गौतम शुभंकर (42) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, पारिवारिक विवाद और तनाव के चलते एनेस्थीसिया की ओवरडोज से मौत की आशंका है। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
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रोहनिया के भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज में तैनात यूरोलॉजिस्ट डॉ. गौतम शुभंकर (42) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पिता डॉ. रविंद्र सिंह समेत परिजन शव लेकर बिहार के पटना रवाना हो गए। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में घरेलू कलह और मानसिक तनाव की बात सामने आई है। एनेस्थीसिया की दवा के ओवरडोज से मौत की आशंका जताई जा रही है। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
बिहार के पटना स्थित कंकड़बाग निवासी डॉ. गौतम शुभंकर हेरिटेज मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजिस्ट थे। वह कॉलेज परिसर में बने डॉक्टर आवास के आठवें तल पर कमरा नंबर 802 में रहते थे। पुलिस के अनुसार, पिछले करीब तीन माह से वह अवसाद में थे और पत्नी से भी अनबन चल रही थी। करीब तीन माह पहले पत्नी एक साल के बेटे के साथ पटना से उनके साथ रहने आई थी। कुछ दिन बाद वह वापस पटना चली गई थी।
शुक्रवार शाम ड्यूटी पूरी करने के बाद डॉ. गौतम अपने आवास पर चले गए थे। शनिवार शाम तक अस्पताल में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो सहकर्मियों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया। फोन स्विच ऑफ मिलने पर डॉक्टर के साथी उनके कमरे पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। सिक्योरिटी गार्ड ने आवाज देकर और दरवाजा खटखटाकर उन्हें बुलाने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो डॉ. गौतम बेड पर मृत मिले। कमरे में इंजेक्शन की सिरिंज और एनेस्थीसिया की खाली शीशी मिली। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि अब तक की जांच में पारिवारिक कारण सामने आए हैं। मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।