वाराणसी में नगर विकास मंत्री ने समीक्षा बैठक में जताई नाराजगी, कहा-सड़क से ऊपर सीवर लाइन की होगी जांच
नगर विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने वाराणसी में रामनगर में सड़क के तल से ऊपर सीवर लाइन निर्माण पर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने निर्देेश दिया कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाए। सर्किट हाउस में बुधवार को नगर निगम, जलनिगम, जलकल की समीक्षा बैठक में शाही नाले के अधूरे काम पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, शाही नाले का काम मई तक पूरा नहीं हुआ तो अधिकारी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने नगवा से गंगा में जाने वाले दूषित जल को फरवरी में ही बंद करने का निर्देश दिया। एमडी जल निगम ने सीवर, पेयजल के कामों का प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें बताया कि राजघाट से गंगा में गिरने वाले पानी को शाही नाला ओटीपी से जोड़कर अप्रैल तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। रामनगर में दूसरी तरफ से गंगा में आने वाला पानी भी फरवरी तक रोक दिया जाएगा।
नगर निगम ने जल निगम जन उपयोगी कामों के लिए 10.62 करोड़ रुपये दिया है। प्रभारी मंत्री ने बरसात से पहले शहर की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के डिसिल्टिंग का काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पेयजल की 32 टंकियां हैं, इनकी प्रॉपर चेकिंग कर गर्मी से पहले संचालित करें। सड़क पर लीकेज नहीं होना चाहिए। हाल में जलजीवन मिशन लागू हो रहा है। इसके तहत घर-घर पानी के कनेक्शन होंगे।
नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी चल रही है। 14वें वित्त आयोग के समस्त कार्य चालू हो गए हैं। नगर निगम सीमा में नए 89 गांव आए हैं। उनमें स्वच्छता कार्य शुरू हो गया है। उसके लिए वाहन खरीदने की कार्रवाई हो रही है। शेफ सिटी योजना में उन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें बाजारों में लगेंगे।
प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि सीवर, पेयजल के कार्य तत्काल पूर्ण कर ले, ताकि पूरी योजना सही से कार्य करने लगे। उन्होंने कहा कि बनारस विशिष्टता प्राप्त जनपद है। इस दौरान मंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर मृदुला जायसवाल, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।