UPTET: 1.50 लाख ज्यादा लोग आए वाराणसी में, 5 मिनट के सफर में लगे 35 मिनट; पूरे दिन रहा जाम
Varanasi Traffic: वाराणसी में बुधवार को पूरे दिन लोग जाम का झाम झेलते रहे। ट्रैफिक पुलिस यातायात को संभालते नजर आई। दूसरी तरफ, हाइवे वाले मार्गों पर दोनों तरफ पार्किंग जैसे दृश्य देखने को मिले। आसपास के जिलों से आए लोगों ने सड़क पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी थीं।
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Varanasi News: मंडुवाडीह से राजघाट समेत शहर का अन्य हिस्सा बृहस्पतिवार को जाम की चपेट में रहा। दोपहर का वक्त छोड़ दिया जाए तो सुबह और शाम के वक्त लोगों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ा। यूपी टेट की परीक्षा की वजह से करीब 1.50 लाख लोग अचानक बाहर से आ गए। इससे पूरे दिन शहर में जाम लगा रहा।
राजघाट पर दोपहिया वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। जाम छुड़ाने के लिए छह पुलिसकर्मियों को लगाना पड़ा। कुछ ऐसा ही हाल पड़ाव की तरफ भी रहा। देरी की वजह से लोगों को मार्ग बदलना पड़ा। महमूरगंज आरओबी के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। मंडुवाडीह पुलिस, भेलूपुर पुलिस, साथ ही चितईपुर पुलिस भी जाम छुड़ाने में लगी रही।
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि यूपी टेट परीक्षा की वजह से आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के साथ उनके परिजनों का आना रहा। करीब 60 हजार परीक्षार्थी शहर में रहे, साथ में उनके परिजन भी। सामान्य दिनों की अपेक्षा डेढ़ लाख ज्यादा भीड़ शहर में रही। इस वजह से शहर के कई स्थानों पर, जहां-जहां परीक्षा केंद्र रहे, वहां जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि, कुछ ही समय में यातायात सामान्य हो गया। जिस रास्ते का पुलिस आयुक्त ने किया निरीक्षण, वहां वाहनों की लंबी कतार
बौलिया-मोहनसराय मार्ग पर लंबे समय से सड़क पर वाहनों की पार्किंग होने से न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि हादसों का खतरा भी बना हुआ है। चांदपुर के पास सिक्स लेन सड़क पर बृहस्पतिवार को 70 से ज्यादा वाहन खड़े मिले। जबकि दूसरी लेन पर भी वाहनों का जमावड़ा रहा।
बुधवार को यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने निरीक्षण किया। यहां बृहस्पतिवार को पूरे दिन वाहनों की लंबी कतार रही। सीपी ने निरीक्षण के दौरान लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों को फटकार लगाई थी, साथ ही रोहनिया पुलिस को भी फटकारा था।
8 महीने से सड़क के दोनों लेन पर पार्किंग
मोहनसराय के स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर आठ महीने से दोनों लेन में वाहनों की पार्किंग होती है, लेकिन पुलिस गश्त नहीं करती है। हादसा होने पर ही पुलिस सक्रिय होती है। इस रास्ते पर हर दूसरे दिन सड़क हादसे होते हैं। छह किलोमीटर की दूरी में इंडस्ट्रियल एरिया से लेकर वाहनों के शोरूम और बाजार हैं। इस लिहाज से लोगों का आवागमन ज्यादा होता है। ऐसे में सड़क पर अतिक्रमण कर वाहनों की पार्किंग से यातायात व्यवस्था तो प्रभावित होती ही है, साथ ही दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है।