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UPSEE Result 2018 : बनारस में एमबीए में सोनल तो बीटेक में आयुष ने मारी बाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 31 May 2018 02:04 PM IST
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सोनल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश स्टेट इंट्रेस इक्जामिनेशन (यूपीएर्सईई) का रिजल्ट बुधवार दोपहर बाद जारी हुआ। बनारस से करीब तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में भाग लिया था।
एमबीए में जहां श्रीरामनगर कालोनी मंडुआडीह की सोनल सिंह ने ओवर आल पहला रैंक हासिल किया वहीं बीटेक की परीक्षा में शिवपुर बाईपास निवासी आयुष ने भी बाजी मारी। आयुष को प्रदेश स्तर पर जारी टॉप 25 में 11वां स्थान मिला। बीटेक में ही सुंदरपुर केदारनगर कालोनी के दीपांकर विश्वकर्मा को 13वां स्थान मिला।
एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) की ओर से 29 अप्रैल को कराई गई परीक्षा के लिए नोडल सेंटर अशोका इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की ओर से कराई गई परीक्षा में बनारस-मिर्जापुर और जौनपुर में बने 27 केंद्रों पर पंजीकृत 16543 में से 90 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
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विश्वविद्यालय की ओर जारी परिणाम में बनारस से बीटेक में आयुष को 11वां रैंक मिला जबकि दीपांकर विश्वकर्मा 13वें रैंक पर रहे। इसके अलावा रोहन श्रीवास्तव को 21वां रैंक मिला।
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एमबीए में जहां श्रीरामनगर कालोनी मंडुआडीह की सोनल सिंह ने ओवर आल पहला रैंक हासिल किया वहीं बीटेक की परीक्षा में शिवपुर बाईपास निवासी आयुष ने भी बाजी मारी। आयुष को प्रदेश स्तर पर जारी टॉप 25 में 11वां स्थान मिला। बीटेक में ही सुंदरपुर केदारनगर कालोनी के दीपांकर विश्वकर्मा को 13वां स्थान मिला।
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एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) की ओर से 29 अप्रैल को कराई गई परीक्षा के लिए नोडल सेंटर अशोका इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की ओर से कराई गई परीक्षा में बनारस-मिर्जापुर और जौनपुर में बने 27 केंद्रों पर पंजीकृत 16543 में से 90 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
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विश्वविद्यालय की ओर जारी परिणाम में बनारस से बीटेक में आयुष को 11वां रैंक मिला जबकि दीपांकर विश्वकर्मा 13वें रैंक पर रहे। इसके अलावा रोहन श्रीवास्तव को 21वां रैंक मिला।
आयुष
- फोटो : अमर उजाला
कंप्यूर साइंस से बीटेक करना सपना
रामकटोरा निवासी संजीव श्रीवास्तव और रेखा श्रीवास्तव के सुपुत्र रोहन श्रीवास्तव का सपना कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने का है। पिता संजीव श्रीवास्तव के मुताबिक शुरू से ही मेधावी रहा रोहन अभी जेईई एडवांस के रिजल्ट का इंतजार कर रहा है। सनबीम लहरतारा से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने के बाद वह बीटेक की तैयारी में लगा रहा।
कंप्यूटर प्रोग्रामर बनना चाहता है दीपांकर
सुंदरपुर केदारनगर कालोनी निवासी दीपांकर विश्वकर्मा की चाहत आगे चलकर कंप्यूटर प्रोग्रामर बनने की है। यूपीएसईई के साथ ही दीपांकर ने जेई एडवांस का भी परीक्षा दिया है। बताया कि जेईई मेंस में 1433वीं रैंक थी, एडवांस में भी बेहतर पाने का सपना है। बिजली विभाग में एसडीओ पद पर तैनात मनोज विश्वकर्मा के सुपुत्र दीपांकर ने बताया कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम जारी है।
रामकटोरा निवासी संजीव श्रीवास्तव और रेखा श्रीवास्तव के सुपुत्र रोहन श्रीवास्तव का सपना कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने का है। पिता संजीव श्रीवास्तव के मुताबिक शुरू से ही मेधावी रहा रोहन अभी जेईई एडवांस के रिजल्ट का इंतजार कर रहा है। सनबीम लहरतारा से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने के बाद वह बीटेक की तैयारी में लगा रहा।
कंप्यूटर प्रोग्रामर बनना चाहता है दीपांकर
सुंदरपुर केदारनगर कालोनी निवासी दीपांकर विश्वकर्मा की चाहत आगे चलकर कंप्यूटर प्रोग्रामर बनने की है। यूपीएसईई के साथ ही दीपांकर ने जेई एडवांस का भी परीक्षा दिया है। बताया कि जेईई मेंस में 1433वीं रैंक थी, एडवांस में भी बेहतर पाने का सपना है। बिजली विभाग में एसडीओ पद पर तैनात मनोज विश्वकर्मा के सुपुत्र दीपांकर ने बताया कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम जारी है।
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बिजनेस में कॅरियर बनाना चाहती है सोनल सिंह
मंडुआडीह स्थित श्रीराम नगर कालोनी निवासी संतोष सिंह और सुचिता सिंह की सुपुत्री सोनल सिंह ने एमबीए में यूपी टॉप कर जिले का मान बढ़ाया है। बातचीत में बताया कि वह अपना कॅरियर बिजनेस में ही बनाना चाहती हैं, इसके लिए तैयारी भी चल रही है। अभी फिलहाल बीएचयू एमबीए के प्रवेश परीक्षा परिणाम का इंतजार है। बताया कि सफलता के लिए अगर निश्चित लक्ष्य हो तो सफलता आसान हो जाती है। छह से सात घंटे की पढ़ाई करने के साथ ही बैंक आफ इंडिया में पीओ पद पर तैनात दीदी चेतना सिंह से भी समय-समय पर मार्गदर्शन लेती रही।
सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता
यूपीएसईई परिणाम आने के बाद 11वां रैंक पाने वाले आयुष अपनी इस सफलता से खुश हैं। शिवपुर स्थित विवेकपुरम कालोनी निवासी आरपी सिंह के सुपुत्र आयुष ने सेंट जोसेफ स्कूल शिवपुर से दसवीं और सनबीम वरुणा से बारहवीं तक की पढ़ाई करने के बाद जेईई की तैयारी की। जेईई मेंस में 1171वीं रैंक पाने के बाद 10 जून को आने वाले एडवांस के रिजल्ट का इंतजार है। बताया कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है। लक्ष्य निर्धारित कर अगर कोई भी कार्य किया जाए तो सफलता अवश्य मिलेगी।
मंडुआडीह स्थित श्रीराम नगर कालोनी निवासी संतोष सिंह और सुचिता सिंह की सुपुत्री सोनल सिंह ने एमबीए में यूपी टॉप कर जिले का मान बढ़ाया है। बातचीत में बताया कि वह अपना कॅरियर बिजनेस में ही बनाना चाहती हैं, इसके लिए तैयारी भी चल रही है। अभी फिलहाल बीएचयू एमबीए के प्रवेश परीक्षा परिणाम का इंतजार है। बताया कि सफलता के लिए अगर निश्चित लक्ष्य हो तो सफलता आसान हो जाती है। छह से सात घंटे की पढ़ाई करने के साथ ही बैंक आफ इंडिया में पीओ पद पर तैनात दीदी चेतना सिंह से भी समय-समय पर मार्गदर्शन लेती रही।
सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता
यूपीएसईई परिणाम आने के बाद 11वां रैंक पाने वाले आयुष अपनी इस सफलता से खुश हैं। शिवपुर स्थित विवेकपुरम कालोनी निवासी आरपी सिंह के सुपुत्र आयुष ने सेंट जोसेफ स्कूल शिवपुर से दसवीं और सनबीम वरुणा से बारहवीं तक की पढ़ाई करने के बाद जेईई की तैयारी की। जेईई मेंस में 1171वीं रैंक पाने के बाद 10 जून को आने वाले एडवांस के रिजल्ट का इंतजार है। बताया कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है। लक्ष्य निर्धारित कर अगर कोई भी कार्य किया जाए तो सफलता अवश्य मिलेगी।