बारादरी की छत गिरने का मामला : UPPCL का दावा, इसरो ने दी बिजली गिरने की रिपोर्ट; पढ़ें पूरी खबर
Varanasi News: रामनगर के बलुआ घाट पर गुंबद गिरने से एक अधेड़ की मौत हो गई थी। इस मामले में जिला प्रशासन और यूपीपीसीएल की रिपार्ट अलग-अलग है। किसकी रिपोर्ट सही है, यह शासन को तय करना है।
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रामनगर के बलुआ घाट में बारादरी की छत गिरने के मामले में जिला प्रशासन और यूपीपीसीएल की रिपोर्ट अलग-अलग है। प्रशासन की रिपोर्ट में जहां अकुशल कारीगिरी और घटिया निर्माण सामग्री का जिक्र है, वहीं यूपीपीसीएल ने इसरो से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आकाशीय बिजली गिरने से छत ढहने का दावा किया है। अब किसकी रिपोर्ट सही और किसकी गलत है, यह शासन को तय करना है।
यूपीपीसीएल ने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें दावा किया कि केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग से संपर्क कर आकाशीय बिजली और वर्षा की रिपोर्ट ली गई है। इसी तरह इसरो से जुड़े राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) बालानगर हैदराबाद से संपर्क किया गया।
लाइटिंग डिटेक्टर सेंसर नेटवर्क की जो रिपोर्ट आई, उसमें 12 सितंबर को रामनगर स्थित शास्त्री घाट पर दोपहर 1.30 से 4 बजे के बीच आकाशीय बिजली गिरने के साक्ष्य मिले। इस स्थान के समीप 18000 एम्पेयर की शक्तिशाली आकाशीय बिजली ज़मीन पर गिरी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, आकाशीय बिजली गिरने से छत गिरी और एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में आता है।
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उधर, प्रशासन की रिपोर्ट में अकुशल कारीगरी और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की वजह से गुंबद की छत स्थिर नहीं थी। इस कारण हादसा हो गया। पत्थरों को जोड़ने का काम भी संतोषजनक नहीं पाया गया। पत्थरों में ग्रुव और क्रैप भी नहीं मिले। यही नहीं जांच कमेटी को यूपीपीसीएल ने डिजाइन भी उपलब्ध नहीं कराई। इसी तरह पास बनी दो और छत हैं, जो आम जनमानस के लिए सुरक्षित नहीं हैं। कार्यस्थल पर पड़े अवशेष में कमियां मिलीं। संबंधित ठेकेदार, फर्म ने खराब निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया था।
इन पर हुई थी कार्रवाई
इस मामले में ठेकेदार और फर्म मेसर्स ओम प्रकाश पांडेय दीन नगर राबर्ट्सगंज सोनभद्र पर एफआईआर दर्ज हुई। तकनीकी पर्यवेक्षीय कार्य के लिए यूपीपीसीएल के सहायक परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार और अवर अभियंता रेनू जायसवाल को निलंबित कर प्रयागराज से अटैच कर दिया। जांच कमेटी ने नमूनों की जांच बीएचयू आईआईटी को भेजी है।