UP Politics: ओमप्रकाश राजभर बोले- एंटी पेपर लीक से परीक्षा माफियाओं पर लगेगी लगाम, सपा कर रही राजनीति
Azamgarh News: सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि एंटी पेपर लीक कानून लागू होने से परीक्षा माफियाओं पर प्रभावी लगाम लगेगी और भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी होंगी। उन्होंने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए।
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UP News: प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का एंटी पेपर लीक कानून युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बताया कि नए कानून के तहत पेपर लीक जैसे मामलों में 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, 10 वर्ष तक की सजा तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन माह के भीतर सुनवाई पूरी करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा माफियाओं में भय पैदा होगा और भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष बनेगी।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नकल आम बात थी, जबकि वर्तमान सरकार ऐसी प्रवृत्तियों पर कठोर कार्रवाई कर रही है। उनका कहना था कि सरकार की सख्ती से अब वे लोग परेशान हैं, जो पहले व्यवस्था का दुरुपयोग करते थे।
समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' अभियान पर निशाना साधते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि सपा केवल जातिवादी राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि गैर-यादव पिछड़ी जातियों के साथ हुई घटनाओं में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल कभी पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा।
शिवपाल यादव द्वारा उन्हें 'बहुरूपिया' कहे जाने पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी को पहले अपना राजनीतिक इतिहास देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा समय-समय पर विभिन्न दलों के साथ गठबंधन बदलती रही है और दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले उसे आत्ममंथन करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने सपा नेताओं पर महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने क्षेत्रीय लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।