UP Politics: काशी को मिल सकता है चौथा प्रतिनिधित्व, BJP जिलाध्यक्ष हंसराज का मंत्री बनना तय; बढ़ी सियासी हलचल
Varanasi News: यूपी के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में वाराणसी भाजपा जिलाध्यक्ष और एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा के मंत्री बनने की चर्चा तेज है। लखनऊ रवाना होने के बाद राजनीतिक अटकलें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा पूर्वांचल में गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। उनके मंत्री बनने पर काशी से भाजपा मंत्रियों की संख्या चार हो जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
UP Politics News: उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच वाराणसी से भाजपा एमएलसी और जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के मंत्री बनाए जाने की चर्चा जोर पकड़ने लगी है। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि यदि उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलती है तो काशी से भाजपा के मंत्रियों की संख्या बढ़कर चार हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार देर शाम राजभवन से संपर्क होने के बाद हंसराज विश्वकर्मा लखनऊ रवाना हो गए। इसके बाद से ही उनके मंत्री पद की अटकलें और तेज हो गई हैं। भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय हंसराज विश्वकर्मा को पूर्वांचल में पार्टी का मजबूत ओबीसी चेहरा माना जाता है। वह लगातार तीन बार भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
वाराणसी में बढ़ी सियासी हलचल
भाजपा ने वर्ष 2023 में उन्हें विधान परिषद भेजकर पहले ही बड़ा राजनीतिक संकेत दे दिया था। अब संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें शामिल किए जाने को गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक को और मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्वांचल में सामाजिक समीकरण साधने के लिहाज से यह फैसला भाजपा के लिए अहम हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण वाराणसी की हर राजनीतिक नियुक्ति का असर प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति तक देखा जाता है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी हंसराज विश्वकर्मा संगठन, बूथ प्रबंधन और सामाजिक समीकरण साधने में सक्रिय भूमिका में रहे थे।
वर्तमान में वाराणसी से भाजपा के तीन मंत्री योगी सरकार में शामिल हैं। इनमें दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। रविंद्र जायसवाल स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं, जबकि अनिल राजभर श्रम एवं सेवायोजन समन्वय विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं। हंसराज विश्वकर्मा के संभावित मंत्री बनने से काशी की राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रभाव दोनों बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।