यूपी पंचायत चुनाव: पंचायत के खातों में पड़ी है करोड़ों की रकम, शपथ लेते ही प्रधानों को मिल जाएगा खजाना
जिले के 689 नवनिर्वाचित प्रधानों को पंचायत के खातों में भरा मिलेगा खजाना।
15 मई तक शपथ ग्रहण होने की उम्मीद।
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वाराणसी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रधान बनने वालों को विकास कार्य के पैसों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि ग्राम पंचायत के खाते में 17 करोड़ रुपये पड़े हैं। इससे नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को गांवों में विकास कार्य कराने के लिए पैसे के अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। चुनाव जीतते ही 689 ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत के खाते में खजाना भरा मिलेगा।
शपथ ग्रहण के बाद ग्राम प्रधान गांव में विकास कार्य कराने के लिए अपनी कार्य योजना बनाकर पंचायतराज विभाग को देंगे। प्रशासन से स्वीकृति मिलने के बाद गांव में विकास कार्य करा सकेंगे। पांच गांवों में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है और इन्हें भी जल्द प्रधान मिल जाएंगे।
जल्द ही ग्राम पंचायतों का गठन करने के लिए शपथ ग्रहण की तारीख का एलान होगा। उम्मीद है कि 15 मई तक शपथ ग्रहण हो जाए। जिले की ग्राम पंचायतों में पूर्व प्रधानों का कार्यकाल बीते 25 दिसंबर को समाप्त हुआ था। इसके बाद सभी ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार शासन के आदेश पर प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे।
इससे पहले ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग व राज्य वित्त आयोग मद के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए करीब 80 करोड़ से अधिक रुपये की धनराशि जिले को आवंटित हुई थी। प्रधानों ने इस राशि से गांवों में विकास कार्य कराए गए थे। लेकिन पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते करीब 17 करोड़ की राशि ग्राम पंचायत निधि के खातों में रह गई थी।
आचार संहिता के चलते गांवों में विकास नहीं कराए जा सके। अब पंचायत चुनाव जीतने वाले ग्राम प्रधानों को खजाना भरा मिलेगा। उनकी ग्राम पंचायतों के खातों में कई-कई लाख रुपये की धनराशि गांवों के विकास के लिए हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों को गांवों में विकास कार्य कराने के लिए धन अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि इस राशि को खर्च करने से पहले ग्राम प्रधानों को कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद वह राशि को विकास कार्यों में खर्च कर सकेंगे। डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह ने बताया कि पंचायतों के खाते में तकरीबन 17 करोड़ रुपये पड़े हैं। ग्राम पंचायतों का गठन जल्द होगा। शपथ ग्रहण के बाद इस धनराशि को खर्च कर सकेंगे।