UP Nikay Chunav: वाराणसी में गंगापुर नगर पंचायत ने कायम रखा रिकॉर्ड, 78.54 फीसदी हुआ मतदान
गंगापुर नगर पंचायत में सुबह 11 बजे तक 36.11 फीसदी और एक बजे तक 49.17 फीसदी मतदान हो चुका था। तीन बजते बजते नगर पंचायत ने फर्स्ट डिवीजन का आंकड़ा पार करते हुए 65.07 प्रतिशत मतदान के साथ वाराणसी नगर निगम से आगे निकल गया।
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वाराणसी के गंगापुर नगर पंचायत में इस बार भी मतदान का रिकॉर्ड कायम रखा। गुरुवार को बारिश के साथ वोट भी खूब बरसे। यहां मतदाताओं ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। घर से निकले और मतदान किया। साथ ही दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित किया। सुबह सात से नौ यानी दो घंटे में ही यहां 13 फीसदी से अधिक वोट पड़ गए थे।
जैसे जैसे दिन चढ़ा, वोटिंग का प्रतिशत भी बढ़ता गया। गंगापुर नगर पंचायत में सुबह 11 बजे तक 36.11 फीसदी और एक बजे तक 49.17 फीसदी मतदान हो चुका था। तीन बजते बजते नगर पंचायत ने फर्स्ट डिवीजन का आंकड़ा पार करते हुए 65.07 प्रतिशत मतदान के साथ वाराणसी नगर निगम से आगे निकल गया।
शाम पांच बजे 76.06 प्रतिशत मतदान हुआ था। शाम छह बजे तक कुल मतदान का आंकड़ा 78.54 फीसदी मतदान हुआ। बता दें कि इससे पहले पिछली बार यहां 78.56 प्रतिशत मतदान हुआ था।
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80 वर्षीय महिला, 90 वर्षीय बीमार मतदाता भी वोट देने पहुंचे
80 वर्षीय महिला शांति देवी अपने परिवार के लोगों के सहारे मतदेय स्थल पर पहुंची। उनका कहना था कि पांच साल बाद मौका आया है, तो थोड़ी परेशानी सहकर भी अपना वोट देने आई हूं। दूसरे ओर से 90 वर्षीय बीमार मोतीलाल भी परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे।
पहली बार मतदान करने वालों में दिखा जोश
नगर पंचायत गंगापुर में अध्यक्ष व सदस्य पद के लिए जमकर मतदान हुआ। पहली बार मत देने के लिए आए युवक और युवतियों में काफी जोश दिखा। नगर पंचायत कार्यालय पर पिंक बूथ बनाया गया था। यहां बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर मतदान के बाद मतदाताओं ने सेल्फी ली। कई वृद्ध महिलाएं भी मतदान करने के लिए अपने सहयोगी के साथ पहुंची थी। यहीं पर धात्री महिलाओं के लिए आंचल केंद्र की भी स्थापना की गई थी। वहीं गंगापुर इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट दिव्यांग मित्र की भूमिका में थे। दिव्यांग मित्र कैडेट मतदान पहुंचने वाले दिव्यांगजनों की मदद करते रहे।
गंगापुर के कई मतदाताओं का नाम सूची से गायब
मतदान केंद्र पर बहुत सारे ऐसे मतदाता भी थे जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं था। रामनरेश, छविनाथ, शिव लोचन, रघुनाथ ने बताया कि वह मतदान करने के लिए पहुंचे थे लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था। ऐसे लोग निराश होकर वापस घर चले गए।