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UP News: पूर्वांचल में 24 हजार जीएसटी-वैट धारकों पर 100 करोड़ से ज्यादा बाकी, वसूली के लिए 29 टीमें सक्रिय

Sat, 29 Nov 2025 10:26 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 29 Nov 2025 10:26 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी समेत पूर्वांचल में 24 हजार जीएसटी-वैट धारकों पर 100 करोड़ से ज्यादा बाकी है। वसूली के लिए 29 टीमें सक्रिय हैं। वहीं 507 फर्मों की चल और अचल संपत्ति कुर्क की गई। 

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UP news of Over 100 crore rupees due on 24,000 GST-VAT holders in Purvanchal
जीएसटी - फोटो : सांकेतिक

विस्तार

वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर, सोनभद्र, भदोही, आजमगढ़, बलिया, मऊ समेत पूर्वांचल के 10 जिलों में जीएसटी और वैट चोरी करने वाले बकायेदारों पर राज्य कर विभाग शिकंजा कसने जा रहा है। विभाग की जांच में सामने आया है कि कुल 24 हजार से अधिक कंपनियां अलग-अलग वस्तुओं के नाम पर रजिस्ट्रेशन लेकर वर्षों से बकायेदार हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, सीमेंट, कोयला, गिट्टी-बालू, सरिया, बिस्किट निर्माण, सर्राफा कारोबार समेत कई अन्य श्रेणियों में फर्जी या निष्क्रिय फर्मों का बड़ा नेटवर्क शामिल है।

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विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इन कंपनियों पर कुल 100 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी और वैट बकाया दर्ज है। जोन–1 और जोन–2 में संचालित इन फर्मों में अधिकांश का रजिस्ट्रेशन मुख्य रूप से वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में कराया गया था। कई फर्में शुरुआत में कुछ समय तक लेन-देन दिखाकर अचानक गायब हो गईं, जबकि कुछ फर्में पता बदलकर या दस्तावेज उपलब्ध न कराकर जांच से बचने की कोशिश कर रही थीं।
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इन बकायेदार फर्मों की लंबी सूची को चिन्हित करते हुए राज्य कर विभाग ने 29 विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न जिलों में इन फर्मों का पता लगाने और कार्रवाई करने में जुटी हैं। टीमें न केवल रजिस्टर्ड स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं, बल्कि मोबाइल लोकेशन, बैंक खातों, कर रिटर्न और पुराने कारोबारी नेटवर्क के आधार पर भी मालिकों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

507 फर्मों की चल और अचल संपत्ति कुर्क
विभाग की कार्रवाई का असर अब दिखाई देने लगा है। नवंबर महीने में अब तक कुल 507 फर्मों के प्रोपराइटर की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की जा चुकी है। कुर्क की गई संपत्तियों में जमीन, वाहन, मशीनरी और बैंक खातों पर रोक शामिल है। इन कार्रवाइयों के बाद विभाग ने 27.56 करोड़ रुपये की वसूली भी की है।

26 फर्मों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

विभाग ने 26 फर्मों और उनके प्रोपराइटरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। जांच में पाया गया कि इनमें से अधिकतर कंपनियां ऐसे व्यक्तियों के नाम पर बनाई गई थीं, जिनका वास्तविक कारोबार से कोई संबंध नहीं था। कई फर्मों के मालिकों के नाम, पते और पहचान संबंधी दस्तावेज भी फर्जी पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया था। 

कर अधिवक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार के व्यापारी अक्सर अपने कर्मचारियों, नौकरों या रिश्तेदारों के नाम पर काल्पनिक फर्में रजिस्टर करा लेते हैं। इन फर्मों का उपयोग बाद में मनगढंत बिल जारी करने के लिए किया जाता है। 

इन बिलों के आधार पर जीएसटी जमा करने की औपचारिकता निभाने के लिए कभी-कभी थोड़ा-बहुत कर जमा कर रिटर्न दाखिल कर दिया जाता है, ताकि फर्म सक्रिय बनी रहे। लेकिन वास्तविक उद्देश्य इन बोगस बिलों का इस्तेमाल कर इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करना होता है, जिसके जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती है।

क्या बोले अधिकारी
प्रमुख सचिव के निर्देश पर बकाया जीएसटी वसूली की कार्यवाही चल रही है। टैक्स न जमा करने वालों की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की जा रही है। जांच टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। -मिथिलेश शुक्ला, अपर आयुक्त, जोन-प्रथम, राज्य कर विभाग

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