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स्पेशल कोर्ट के कठघरे में खड़े हुए यूपी सरकार के वन मंत्री उपेंद्र तिवारी, ये है मामला

Wed, 19 Sep 2018 10:01 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,इलाहाबाद
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,इलाहाबाद Updated Wed, 19 Sep 2018 10:01 AM IST
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UP government forest minister present in special court
 उत्तर प्रदेश सरकार के वन मंत्री उपेन्द्र तिवारी सोमवार को स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में पेश हुए। वह जानलेवा हमले के एक मुकदमे में आरोपी हैं और स्पेशल कोर्ट ने उनको तलब किया था। सुनवाई कर रहे विशेष कोर्ट के न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने उन्हे कठघरे में खड़े रहने का निर्देश दिया।
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कोर्ट ने मंत्री से कहा कि आप खुद कानून बनाते हैं, इसलिए कानून का पालन यदि आप नहीं करेंगे तो और कौन करेगा। उपेंद्र तिवारी 22 साल पूर्व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदू छात्रावास में हुई मारपीट की घटना में आरोपी हैं। घटना उनके छात्र जीवन की है।
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कोर्ट में अभियोजन के गवाह विवेचक दयाराम द्विवेदी का बयान दर्ज किया गया। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान मंत्री का बचाव अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र ने किया।
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हिंदू छात्रावास में हुआ था बवाल

UP government forest minister present in special court
वन मंत्री उपेन्द्र तिवारी - फोटो : file photo
अभियोजन के अनुसार मामला कर्नलगंज थाने का है। घटना 19 मार्च 1996 सायं सात बजे हिंदू हास्टल की है। छात्र जयशंकर तिवारी पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसके विरोध में छात्रों की भीड़ ने बलवा और फायरिंग की थी। तत्कालीन छात्र नेता उपेंद्र तिवारी सहित कई छात्र इस मुकदमे में आरोपी बनाए गए। इस घटना से जुड़े तीन मामलों की सुनवाई विशेष कोर्ट में की जा रही है।

 विशेष कोर्ट में पेशी पर आए मंत्री उपेंद्र तिवारी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि वह अदालत का सम्मान करते हैं। इसलिए अदालत के तलब करने पर हाजिर हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला उनके छात्र जीवन का है। छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने इस मामले में झूठा फंसाया था।

माननीयों के आपराधिक मुकदमे के लिए गठित कोर्ट की बाबत उन्होंने कहा कि यह भाजपा के संकल्प पत्र में था। मुकदमों के शीघ्र निस्तारण में उन्होंने पूरा सहयोग देने के लिए सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने और कानून का पालन करने की बात कही। पेशी के दौरान उनके साथ समर्थक और अधिवक्ता भी मौजूद थे।
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